Sat. Oct 3rd, 2026

सुरक्षा नियमों की अनदेखी हादसे की आशंका से नागरिकों में चिंता

शहर में अमृत मिशन के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि संबंधित निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। कार्यस्थल पर न तो ‘सावधान, कार्य प्रगति पर है’ जैसे चेतावनी बोर्ड दिखाई दे रहे हैं और न ही आम नागरिकों को निर्माणाधीन क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए पर्याप्त सांकेतिक संकेतक लगाए गए हैं।

निर्माण कार्य के दौरान सड़क अथवा सार्वजनिक आवागमन वाले स्थानों पर सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाना जरूरी माना जाता है, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को आगे चल रहे कार्य की जानकारी समय रहते मिल सके। लेकिन एमसीबी में स्थानीय स्तर पर सामने आ रही स्थिति को लेकर नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

निर्माण स्थल पर यदि रात के समय पर्याप्त संकेतक या चेतावनी व्यवस्था नहीं रहती है, तो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। विशेषकर व्यस्त मार्गों और आवागमन वाले क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, खोदी गई सड़क अथवा अन्य बाधाओं की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

नागरिकों को कहना है कि निर्माण कार्य वाले सभी स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड, सांकेतिक संकेतक, बैरिकेडिंग एवं रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी चाहिए।

अमृत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत विकास कार्य होना जरूरी है, लेकिन विकास कार्यों के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में होनी चाहिए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कब तक दुरुस्त की जाती है।

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