Fri. Oct 16th, 2026

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 11 दिसंबर तक दर्ज होंगे दावे-आपत्ति।

बलरामपुर रामानुजगंज भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया गया है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार 02 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात 12 नवंबर 2026 को निर्वाचक नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन होगा तथा 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 04 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

 

चरित्र पर शक के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद ने लिया हिंसक रूप,

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। घटना में घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी प्लंबर और मजदूरी का काम करता है, जबकि उसकी पत्नी दूसरे लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती है। आरोप है कि पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।
बताया जा रहा है कि पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते पति उसे जांच के लिए अस्पताल लेकर गया था। अस्पताल से वापस लौटते समय दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद महिला को घर भेज दिया गया, लेकिन घर पहुंचने के बाद विवाद दोबारा भड़क उठा।

आरोप है कि घर पहुंचने के बाद पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने महिला के निजी अंगों में लौकी डालने जैसी क्रूर हरकत भी की। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान दंपती के बच्चे भी घर में मौजूद थे। इसके अलावा, इससे पहले हुए विवाद के दौरान सड़क पर महिला के कपड़े उतारने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
घटना के बाद घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
यह घटना घरेलू विवादों के हिंसक रूप लेने और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, मामले के सभी तथ्यों और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पशुधन विकास विभाग द्वारा सघन टीकाकरण अभियान जारी,

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में पशुओं को संक्रामक एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। राज्य शासन एवं कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान के तहत अब तक 5 लाख 61 हजार 412 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य पशुधन को बीमारियों से बचाना, पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से राहत दिलाना तथा पशुपालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार, बकरी एवं भेड़ों को पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) बीमारी से बचाने के लिए 20 सितंबर से 7 नवंबर 2026 तक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, गाय एवं भैंसों को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से सुरक्षित रखने के लिए 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक जिले में 2 लाख 25 हजार 717 बकरी एवं भेड़ों को पीपीआर तथा 3 लाख 35 हजार 695 गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को एलएसडी का टीका लगाया जा चुका है।

पीपीआर और लम्पी स्किन डिजीज से पशुओं को खतरा

पीपीआर बकरी और भेड़ों में होने वाली अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जिसे बकरी प्लेग के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क तथा उनकी लार, छींक और खांसी की बूंदों के माध्यम से फैल सकती है। तेज बुखार, मुंह में घाव एवं छाले, दस्त, मुंह-नाक से पानी बहना और अत्यधिक कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इसी तरह लम्पी स्किन डिजीज मुख्य रूप से गाय एवं भैंसों को प्रभावित करने वाली संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है। इसमें पशुओं को तेज बुखार, त्वचा पर कठोर उभरी हुई गांठें, पैरों एवं थनों में सूजन, आंख और नाक से पानी बहने तथा चारे की खपत में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने, संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने तथा उसके चारे-पानी की अलग व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार, इन संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। टीकाकरण से बीमारी के प्रसार और पशुओं की मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। इससे पशुपालकों को महंगे उपचार तथा पशुधन की क्षति से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में भी सहायता मिलती है। पशुओं की नियमित देखभाल, उचित पोषण और समय पर टीकाकरण से पशुपालन व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

पशुपालकों से टीकाकरण कराने की अपील

जिले में पशुधन विकास विभाग एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से टीकाकरण अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने बकरी, भेड़, गाय और भैंस का निर्धारित अभियान के तहत अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं तथा टीकाकरण कार्य में विभागीय अमले का सहयोग करें।
पशुओं के टीकाकरण, उपचार एवं अन्य पशु चिकित्सा संबंधी जानकारी के लिए पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टोल फ्री हेल्पलाइन 1962 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विभाग का उद्देश्य जिले के पशुधन को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखते हुए पशुपालकों की आजीविका को मजबूत करना और पशुपालन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों को एक और झटका,

छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के किराए में वृद्धि करते हुए नई दरें निर्धारित की हैं। इसका सीधा असर रोजाना बसों से सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय व अन्य शहरों तक आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है।
जिला परिवहन अधिकारी, बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नई किराया दरें 8 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार प्रभावशील हो गई हैं। मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 67(1) के तहत जारी यह अधिसूचना 11 मार्च 2025 की पूर्व अधिसूचना का स्थान लेती है। नई दरें नगर सेवाओं को छोड़कर अन्य प्रक्रम वाहनों पर लागू होंगी।
नई दरों के अनुसार, साधारण बस सेवा में पहले 5 किलोमीटर की यात्रा के लिए प्रति यात्री 10 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा। वहीं, साधारण रात्रिकालीन बस सेवा में निर्धारित किराए से 10 प्रतिशत अधिक किराया देना होगा।
डीलक्स बस सेवा, डीलक्स रात्रिकालीन सेवा तथा बिना वातानुकूलन वाली डीलक्स शयनयान और अर्द्ध-शयनयान बसों के लिए पहले 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 2.20 रुपये की दर से किराया निर्धारित किया गया है।

एसी बसों में सफर करना भी पड़ेगा महंगा

वातानुकूलित डीलक्स शयनयान एवं अर्द्ध-शयनयान बस सेवाओं के लिए पहले 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए सीट और बर्थ, दोनों श्रेणियों में 3.20 रुपये प्रति यात्री की दर से किराया देना होगा।
बस किराए में इस वृद्धि का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो रोजाना कामकाज, पढ़ाई, इलाज या अन्य जरूरी कार्यों के लिए बसों से यात्रा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय पहुंचने वाले लोगों के साथ-साथ लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को भी अब यात्रा के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
पहले से खाद्य सामग्री, ईंधन और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए परिवहन खर्च में यह बढ़ोतरी एक अतिरिक्त आर्थिक चुनौती बन सकती है। हालांकि, किराया वृद्धि से यात्रियों पर पड़ने वाले वास्तविक अतिरिक्त खर्च का आकलन यात्रा की दूरी और बस सेवा की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होगा।
परिवहन विभाग द्वारा नई किराया दरों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित बस सेवा की निर्धारित किराया दरों की जानकारी प्राप्त कर लें। इससे किराए को लेकर किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति से बचा जा सकेगा।
अब सवाल यह है कि महंगाई के इस दौर में आम यात्रियों के बढ़ते परिवहन खर्च से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? फिलहाल, नई किराया दरों के प्रभावी होने के बाद यात्रियों को अपनी जेब का बजट नए सिरे से तय करना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को हटाने की मांग तेज,स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोप,

बलरामपुर-रामानुजगंज। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी सामने आई है। रामचंद्रपुर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी धनंजय कुमार चंद्रा को पद से हटाने की मांग करते हुए जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलने और आपातकालीन सेवाओं में कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

स्वास्थ्य केंद्र में नियमित उपस्थिति नहीं होने का आरोप

दिए गए आवेदन में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि धनंजय कुमार चंद्रा लंबे समय से ग्रामीण चिकित्सा सहायक के रूप में कार्य करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आवेदन के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और कई बार सामान्य बीमारियों में भी प्राथमिक उपचार के बिना मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।

आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी उठाए सवाल

ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध एंटी रेबीज वैक्सीन और एंटी स्नेक वेनम जैसी जरूरी दवाओं को निजी निवास पर रखे जाने तथा रात के समय मोबाइल बंद रहने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को परेशानी होती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रात में मरीजों के परिजनों द्वारा संपर्क करने पर कथित रूप से दुर्व्यवहार भी किया जाता है।
जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि धनंजय कुमार चंद्रा को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के प्रभार से हटाकर डॉ. सुशील कुमार मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इस मामले में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित शिकायत सामने आने के बाद अब संबंधित स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों से रामचंद्रपुर को बड़ी सौगात, 3 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के रामचंद्रपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों से जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन एवं स्टाफ क्वार्टर निर्माण के लिए कुल 3 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस स्वीकृति से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलने और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये तथा स्टाफ क्वार्टर निर्माण के लिए 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।
रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण होने से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के लोगों के लिए समय पर उपचार की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र के लिए नए भवन का निर्माण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ स्टाफ क्वार्टर निर्माण की स्वीकृति भी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से उनकी कार्यस्थल पर उपलब्धता बेहतर बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जनता की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन और स्टाफ क्वार्टर निर्माण के लिए मिली स्वीकृति को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब क्षेत्रवासियों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने और निर्धारित समय-सीमा में पूरा होने की उम्मीद है, ताकि स्वीकृत राशि का लाभ आम जनता को जल्द मिल सके और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 15 एवं 16 अक्टूबर को आकलन शिविर।

बलरामपुर, रामानुजगंज जिले में 6 से 18 वर्ष आयु के विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकन किया जाएगा।
पहला शिविर 15 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डीपाडीह, शंकरगढ़ में राजपुर, शंकरगढ़ एवं कुसमी विकासखंड के बच्चों के लिए आयोजित होगा। दूसरा शिविर 16 अक्टूबर को जिला ग्रंथालय, बलरामपुर में बलरामपुर, रामचंद्रपुर एवं वाड्रफनगर विकासखंड के बच्चों के लिए लगाया जाएगा।
चिन्हांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आगामी शिविर में पात्र बच्चों को सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विकासखंडों के अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को शिविर में अवश्य लेकर पहुँचें, ताकि कोई भी पात्र बच्चा इस सुविधा से वंचित न रहे।

शिक्षिका मां और 12वीं के छात्र बेटे की दोहरे हत्याकांड से दहला महावीरपुर

सूरजपुर। जिले में एक सरकारी शिक्षिका और उनके 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर गांव में  सड़क किनारे छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मृतक की पहचान होने पर पुलिस जब उसके घर पहुंची, तो वहां उसकी मां का शव भी बरामद हुआ। मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह महावीरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पास ग्रामीण सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा मिला। युवक के शरीर पर चोट के कई निशान थे। प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई गई कि युवक की हत्या करने के बाद शव सड़क किनारे फेंका गया होगा। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण शव को विश्रामपुर स्थित मॉर्च्युरी भेज दिया गया था।
बाद में मृतक की पहचान बिश्रामपुर के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र सुजल बरेट के रूप में हुई। पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।
छात्र की पहचान होने के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि उसकी स्कूटी घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक पेट्रोल पंप पर लावारिस हालत में खड़ी है। इसके बाद पुलिस सुजल के घर पहुंची, लेकिन मुख्य दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। उसकी मां के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मृतक परिवार के परिचितों को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में घर का ताला खुलवाया गया। घर के अंदर बाथरूम में सुजल की मां रजनी बरेट का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया।
जानकारी के मुताबिक, रजनी बरेट बेलटिकरी के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। पति की मृत्यु के बाद वह अपने बेटे सुजल के साथ रहती थीं। मां-बेटे की मौत की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में शोक और चर्चाओं का माहौल है।
सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि मृतक महिला और युवक मां-बेटे थे। महिला शिक्षिका थीं, जबकि उनका बेटा पढ़ाई कर रहा था। दोनों मूल रूप से बालाघाट क्षेत्र के रहने वाले थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि मां-बेटे की हत्या किसने की, वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या वजह थी और छात्र का शव घर से दूर सड़क किनारे कैसे पहुंचा। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

बलरामपुर डीईओ की ताबड़तोड़ कार्रवाई,गैरहाजिर लिपिक को नोटिस जारी

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण में लापरवाही सामने आने पर माध्यमिक शाला धनादोहर के प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो और शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी के लिपिक देवनारायण राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

माध्यमिक शाला धनादोहर में आधे से भी कम विद्यार्थी उपस्थित

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति में अलग-अलग विद्यालयों में अंतर देखने को मिला। प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला में 13 में से 11 विद्यार्थी उपस्थित मिले, जबकि प्राथमिक शाला धनगांव में सभी 20 विद्यार्थी मौजूद थे। माध्यमिक शाला धनगांव में 18 में से 13 और प्राथमिक शाला धनादोहर में 31 में से 20 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए।
वहीं, माध्यमिक शाला धनादोहर में दर्ज 69 विद्यार्थियों में से केवल 31 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले। आधे से भी कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके अलावा प्राथमिक शाला नेहरूनगर में 26 में से 17 विद्यार्थी उपस्थित मिले।
शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी के निरीक्षण के दौरान 348 छात्राएं उपस्थित थीं। इसी दौरान विद्यालय में पदस्थ लिपिक देवनारायण राम के अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित लिपिक को भी नोटिस जारी किया। विभागीय स्तर पर इस मामले में आगे की कार्रवाई नोटिस के जवाब और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला नेहरूनगर में मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, प्राथमिक शाला धनगांव में विद्यालय परिसर की स्वच्छता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी की छात्राओं ने साइकिल स्टैंड की आवश्यकता भी जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष रखी। इस पर निरापुरे ने आवश्यक विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने कलेक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी शैक्षणिक संस्थाओं को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति बढ़ाने तथा निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के हाथों और नाखूनों की नियमित स्वच्छता के साथ कक्षाओं एवं विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने पर भी जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से औचक निरीक्षण और आवश्यक विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पर्यटन बढ़ेगा तो बढ़ेगा रोजगार: कृषि मंत्री ने कहा – जिले के अनकहे पर्यटन स्थलों को दिलाएंगे पहचान।

बलरामपुर, रामानुजगंज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज वन वाटिका रामानुजगंज में 149.70 लाख रुपये के ईको पर्यटन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वनमंडल बलरामपुर द्वारा पर्यावरण वानिकी योजना के तहत वन वाटिका को बाल वाटिका, जल वाटिका और सौंदर्य वाटिका के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कार्य का प्रस्ताव 01 अगस्त 2026 को भेजा गया था, जिसे 01 सितंबर 2026 को स्वीकृति मिल गई। कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि वन वाटिका को जिले स्तर पर ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर एक अलग पहचान मिलने वाली है। प्रस्ताव भेजने के एक माह के भीतर स्वीकृति मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन क्षेत्र के विकास के प्रति कितना गंभीर है। उन्होंने वन वाटिका को बायोडायवर्सिटी पार्क का अनुपम उदाहरण और शहर का ऑक्सीजन जोन बताया। उन्होंने कहा कि यहां होने वाले विकास और उन्नयन कार्य पर्यावरण संरक्षण की बेहतर मिसाल बनेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो अब तक पहचान से वंचित हैं, जबकि यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए वन वाटिका में ही प्रशिक्षण कार्यशाला की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि स्थानीय युवा पर्यटन से जुड़ी सेवाओं के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से वन वाटिका रामानुजगंज का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचें।
नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने नगरवासियों की ओर से कृषि मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वन वाटिका का विकास रामानुजगंज के लिए गौरव की बात है। कृषि मंत्री श्री नेताम की पहल से आज पूरे क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन सेवा भाव के साथ जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देकर काम कर रहा है, जिसका सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वन वाटिका के विकसित होने से नगर को सुंदर और हरित सार्वजनिक स्थल मिलेगा। इससे नगर के व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

वनमंडलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेयी ने वन वाटिका के उन्नयन की कार्ययोजना उपस्थित जनों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि पार्क का विस्तार पांच थीम पर किया जाएगा, जिनमें पहले चरण में बाल वाटिका, जल वाटिका और सौंदर्य वाटिका पर फोकस रहेगा। बाल वाटिका में चिल्ड्रन प्ले एरिया, तीन पैगोड़ा और साइनेज बोर्ड बनाए जाएंगे। जल वाटिका में नौका विहार को आकर्षक बनाने के लिए फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म और पैडल बोट की सुविधा दी जाएगी। साथ ही आरसीसी ब्रिज, फेंसिंग, टो-वाल और बांध गहरीकरण का कार्य होगा, जिससे जलक्षेत्र का विस्तार होगा और जल संरक्षण को भी बल मिलेगा। सौंदर्य वाटिका में उद्यान उन्नयन, ओपन जिम, बैडमिंटन कोर्ट शेड, शौचालय और पेयजल के लिए वाटर फिल्टर स्थापित किए जाएंगे। श्री बाजपेयी ने कहा कि स्थानीय वनस्पतियों और जलीय जैव विविधता के संरक्षण के साथ विकसित होने वाला यह पार्क विद्यार्थियों के लिए प्रकृति से सीखने का केन्द्र बनेगा। यह नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और मनोरंजन का स्थल भी होगा और बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद रामानुजगंज की उपाध्यक्ष श्रीमती शीला जायसवाल उपस्थित रहीं। साथ ही जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के अध्यक्ष श्री मुंद्रिका सिंह और उपाध्यक्ष श्री सुनील तिवारी, जिला पंचायत सदस्य श्री बद्री यादव, सरपंच मितगई श्री श्यामलाल मरावी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।