Sat. Nov 7th, 2026

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नेत्री निशा भगत की संदिग्ध मौत पर कई गंभीर सवाल

झारखंड की उभरती हुई आदिवासी नेत्री निशा भगत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे राज्य में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार, साइबर बुलिंग (ट्रोलिंग) और प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों को सतह पर ला खड़ा किया है। निशा भगत की मौत को महज एक आत्महत्या माना जाए या इसके पीछे किसी गहरी साजिश और मानसिक प्रताड़ना का हाथ है—इस पर अब तीखी बहस छिड़ गई है।

अपनी मौत से ठीक पहले निशा भगत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर जो बयान दिया था, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। उस आखिरी वीडियो में निशा का दर्द और व्यवस्था के प्रति उनकी लाचारी साफ झलक रही थी। उन्होंने बताया था कि किस तरह पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा था, उनके चरित्र हनन की कोशिशें हो रही थीं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। यह वीडियो अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और अहम डिजिटल सुबूत बनता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार निशा भगत के पिता ने इस पूरी घटना को लेकर पुलिस प्रशासन और अज्ञात तत्वों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका साफ कहना है कि उनकी बेटी को सुनियोजित तरीके से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ जिस तरह का अभद्र और चरित्र हनन करने वाला अभियान चलाया गया, उसी के दबाव में आकर निशा ने यह खौफनाक कदम उठाया। परिजनों ने मांग की है कि निशा को इस हद तक मजबूर करने वाले दोषियों को तुरंत बेनकाब किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

 

उठ रहे ये बड़े सवाल:

 

साइबर बुलिंग और ट्रोलिंग पर लगाम क्यों नहीं? क्या सोशल मीडिया पर महिलाओं और विशेषकर महिला नेत्रों को निशाना बनाने वाले ट्रोल्स पर कानून का शिकंजा कसने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है?

पुलिस की भूमिका संदिग्ध क्यों? क्या निशा भगत या उनके परिजनों द्वारा पहले की गई शिकायतों पर समय रहते कोई ठोस कदम उठाया गया था।

डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा: निशा के आखिरी फेसबुक लाइव और अन्य डिजिटल गतिविधियों को आधार बनाकर क्या पुलिस ने उन लोगों की पहचान शुरू कर दी है जिन्होंने उन्हें प्रताड़ित किया था।

निशा भगत की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और व्यवस्था के उस काले सच को उजागर करती है जहाँ वैचारिक मतभेदों या राजनीतिक सक्रियता के नाम पर किसी व्यक्ति का चरित्र हनन करना आम बात बन गई है। झारखंड की जनता और निशा के समर्थक अब सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं—दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए, और दोषियों को सजा मिल नी चाहिए।

धान खरीदी की पुख्ता तैयारी: बलरामपुर प्रशासन मुस्तैद,

बलरामपुर-रामानुजगंज आगामी धान खरीदी सत्र को पूरी तरह सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में प्रशासनिक अधिकारी लगातार जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का मैदानी दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
इसी क्रम में, उप संचालक पंचायत एवं जिला अंकेक्षक ने आज जनपद पंचायत वाड्रफनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बड़का गांव स्थित उपार्जन केंद्र और गोदाम का औचक निरीक्षण किया।

पर्याप्त बारदाने और उपकरणों की जांच

निरीक्षण के दौरान केंद्र पर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, इस केंद्र पर किसानों की सुविधा के लिए 15,000 नए और 1,200 पीडीएस बारदाने पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक शासकीय दस्तावेजों का गहन आकलन किया।

धान में नमी की जांच के लिए आर्द्रता मापी (मॉइस्चर मीटर) और तौल की सटीकता के लिए माप-तौल यंत्रों की विशेष रूप से जांच की गई।
परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित जिम्मेदारों को सख्त निर्देश दिए गए।

अन्य केंद्रों का भी हुआ निरीक्षण

बड़का गांव के अलावा प्रशासनिक टीम ने चेरा, डिंडो और डुमरपान उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर भी चल रही तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मियों को निर्देशित किया कि किसानों को खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसलिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तय समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरी कर ली जाएं।

दीपावली पर खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच: सेहत की फिक्र या सिर्फ कागजी खानापूर्ति।

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों की सक्रियता और खाद्य विभाग की अचानक जागी नींद ने कई सुलगते सवाल छोड़ दिए हैं।

त्योहारों के दौरान गुणवत्ताविहीन मिठाइयों, अमानक खोवा और मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बलरामपुर रामानुजगंज जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सभी 6 विकासखंडों में होटल, ढाबा, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

अब तक कुल 22 प्रतिष्ठानों की औचक जांच की जा चुकी है। इस दौरान बालूशाही, रसगुल्ला, मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू, जलेबी, खोवा, कलाकंद, चमचम और गुलाबजामुन जैसी लोकप्रिय मिठाइयों के 11 संदिग्ध नमूने (सैंपल्स) जब्त किए गए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेज दिया गया है। विभाग का दावा है कि रिपोर्ट आने के बाद अमानक पाए जाने वाले उत्पादों और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई का यह प्रशासनिक आंकड़ा भले ही अपनी पीठ थपथपाने के लिए काफी लगे, लेकिन आम जनता के मन में उठ रहे तीखे सवाल इस पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हैं:

क्या शुद्ध मिठाइयां और खाद्य सामग्रियां सिर्फ दीपावली या गिने-चुने त्योहारों के समय ही मिलावट की जद में आती हैं। क्या साल के बाकी महीनों में आम जनता को ज़हर परोसा जाता है और विभाग ‘कुंभकर्णी नींद’ सोता रहता है।

सिर्फ त्योहारों पर ही क्यों आती है सेहत की चिंता? आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुध सिर्फ उत्सव के दिनों में ही क्यों ली जाती है?

कहीं पर्दे के पीछे कोई खेल तो नहीं? क्या इस मौसमी औचक निरीक्षण और कार्रवाई के पीछे फाइलों को बंद करने की महज खानापूर्ति है, या इसके पीछे किसी बड़े ‘रिश्वत के खेल’ की बू आ रही है।

इन सवालों के दो टूक जवाब विभाग को देने होंगे, क्योंकि जनता का स्वास्थ्य किसी औपचारिकता का मोहताज नहीं है।

इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विजय कुमार सिंह ने नागरिकों से सजग रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। केवल साफ-सुथरे और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध या मिलावटी सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें।

साथ ही, खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानकों की अनदेखी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।

निष्कर्ष: विभाग की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन यह सवाल अपनी जगह कायम है कि क्या यह अभियान सिर्फ एक ‘वार्षिक रस्म अदायगी’ बनकर रह जाएगा, या सालभर चलने वाली एक पारदर्शी और सख्त निगरानी व्यवस्था का रूप लेगा? जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए अब सिर्फ बयानों से नहीं, बल्कि ठोस और निरंतर कार्रवाई की दरकार है।

दिनदहाड़े बैंक में करोड़ों की डकैती, स्टाफ और ग्राहकों को बनाया बंधक

दिनदहाड़े बैंक डकैती की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। धनवार बाजार के चमड़ा गोदाम स्थित यूको बैंक में पांच हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोलकर करोड़ों रुपये के सोने के जेवरात और लाखों रुपये नकद लूट लिए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,झारखंड के गिरिडीह जिले में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजकर 44 मिनट पर पांच हथियारबंद अपराधी बाइक से बैंक पहुंचे और अचानक अंदर दाखिल हो गए। इनमें से दो अपराधियों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि अन्य ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था। बैंक में घुसते ही अपराधियों ने हथियारों के बल पर कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्राहकों को बंधक बना लिया। इस दौरान एक अपराधी ने बैंक मैनेजर के सिर पर बंदूक तानकर उन्हें डराया और बाकी अपराधियों ने बैंक में लूटपाट शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अपराधी बैंक के लॉकर से करीब 3 से 4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के जेवरात तथा 10 से 12 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बैंकिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी ने खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की टीम बैंक पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। अपराधियों की पहचान करने, उनके भागने के रास्तों का पता लगाने और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस यूको बैंक में करोड़ों की डकैती हुई, वह थाना परिसर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद पांच हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लूटी गई संपत्ति का वास्तविक मूल्य और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

स्वास्थ्य व औषधि विभाग की संयुक्त टीम के कार्रवाई में दुकानें सील

बलरामपुर, रामानुजगंज निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में स्वास्थ्य, औषधि एवं पुलिस विभाग की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने विकासखंड वाड्रफनगर तथा रामानुजगंज क्षेत्र के महावीरगंज में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। टीम ने नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज, चिकित्सकीय व्यवस्था एवं दवाइयों के रख-रखाव की जांच की। कमियां पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि जिले के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों को नर्सिंग होम एक्ट सहित शासन के निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। मरीजों की सुरक्षा, उचित उपचार एवं दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संस्था की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निगरानी एवं निरीक्षण की यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

सीएमएचओ ने जिलेवासियों से अपील की है कि निजी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या मरीजों के हितों से जुड़ी शिकायत होने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें।

किसनों के सहयोग के लिए प्रशासन खेत से लेकर खलिहान तक संयुक्त सर्वे जारी।

बलरामपुर, रामानुजगंज अर्नव चक्रवात के प्रभाव से जिले में 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक हुई असामयिक वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में धान की फसल प्रभावित हुई है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा किसानों को समय पर मौसम परिवर्तन की जानकारी दी गई थी तथा वर्षा के पश्चात प्रभावित किसानों के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन दर्ज कराए गए।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि जिला प्रशासन प्रभावित किसानों के सहयोग के लिए तत्पर है तथा पात्र किसानों को योजना के प्रावधानों के अनुरूप लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फसल क्षति का आंकलन समय-सीमा में एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने फसल क्षति से प्रभावित किसानों से किसान रक्षक टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज कराने की अपील की है।
बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो से प्राप्त 02 नवंबर 2026 की स्थिति के अनुसार जिले से कुल 858 सूचनाएं (इंटिमेशन) प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 747 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें स्थानीयकृत आपदा के अंतर्गत प्राप्त 299 में से 202 तथा फसल कटाई उपरांत क्षति के अंतर्गत प्राप्त 559 में से 545 आवेदन स्वीकृत हुए हैं। शेष 111 आवेदन राज्य शासन की अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार आपदा का योजना में आच्छादित न होने, विलंब से सूचना अथवा दोहरी सूचना के कारण अस्वीकृत किए गए हैं।
कृषि विभाग के मैदानी अमले एवं बीमा कंपनी द्वारा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार संयुक्त सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर क्षतिपूर्ति की आगामी कार्यवाही की जाएगी।

रिश्तों का कत्ल: संपत्ति विवाद में सगे भाई ने भाई पर चलाई गोली,

सरायकेला, झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र में महज कुछ गज जमीन और संपत्ति के लालच ने खून के रिश्ते को इस कदर अंधा कर दिया कि एक भाई ने अपने ही सगे डॉक्टर भाई पर गोली चला दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित डॉक्टर भाई और आरोपी भाई के बीच पिछले काफी समय से पैतृक संपत्ति और जमीन के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही थी। यह विवाद कई बार घर की चारदीवारी से बाहर पंचायत और वार्ताओं तक भी पहुंचा, लेकिन आपसी सुलह नहीं हो सकी। मंगलवार को बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखी नोकझोक शुरू हो गई। गुस्से और बदले की आग में इस कदर झुलसे आरोपी भाई ने आव देखा न ताव और अपनी लाइसेंसी या अवैध बंदूक निकालकर डॉक्टर भाई पर ताबड़तोड़ गोली चला दी।

गोली चलने की अचानक हुई इस तेज आवाज से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी दुकानों और घरों से बाहर निकल आए। जब लोगों ने डॉक्टर भाई को खून से लथपथ जमीन पर गिरते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस सनसनीखेज वारदात ने समाज और परिवार की उस बुनियादी नींव को हिलाकर रख दिया है, जहां भाई को भाई का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है।

घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अभी तक डॉक्टर भाई की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, गोली शरीर के किस हिस्से में लगी है और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस की शुरुआती जांच और बयानों के सामने आने के बाद ही इस खूनी संघर्ष की पूरी और असल कहानी स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संपत्ति का लोभ इंसान को अपनों का कातिल तक बना सकता है।

IAS रानू साहू समेत चार आरोपी गिरफ्तार

रायपुर: छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के कथित दुरुपयोग, राशि में बंदरबांट और सरकारी खरीद में कमीशनखोरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए बनाई गई इस अहम निधि के कथित घपले की जांच में अब करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर बड़ा एक्शन लिया गया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में कठोर कार्रवाई करते हुए कुल 31.70 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इसके साथ ही, रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में इस प्रकरण से जुड़े 17 आरोपियों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खास बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में चर्चित आईएएस अधिकारी रानू साहू का नाम भी शामिल है।

जांच एजेंसी ने एक कथित मुख्य बिचौलिए को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप है कि यह बिचौलिया चुनिंदा आपूर्तिकर्ताओं को टेंडर दिलवाने, खरीद आदेश जारी करवाने, बिलों का भुगतान स्वीकृत कराने और इसके एवज में अवैध कमीशन की भारी वसूली एवं उसके वितरण में केंद्रीय भूमिका निभाता था। मंदीप चावला सहित कुल 17 आरोपियों के खिलाफ अब विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष पूरक अभियोजन शिकायत औपचारिक रूप से दर्ज करा दी गई है।

जांच के दौरान ईडी ने पाया कि आरोपियों ने इस अवैध नेटवर्क के जरिए भारी धनार्जन किया है। एजेंसी ने लगभग 35 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) को विशेष रूप से चिह्नित किया था। इसी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 31.70 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।

दावा है कि इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल मिलाकर लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के कल्याण के लिए मिलने वाले फंड की इस तरह की लूट पर लगाम लगाने और भ्रष्टाचार से बनाई गई अवैध संपत्तियों के साम्राज्य को ध्वस्त करने की दिशा में यह एक बेहद निर्णायक और बड़ी कार्रवाई साबित होगी। मामले में आगे की कानूनी और विधिक प्रक्रिया तेजी से जारी है।

पटवारियों की हड़ताल पर प्रशासन सख्त: काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम,

अम्बिकापुर/सरगुजा संभाग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गए पटवारियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा ने संभाग के सभी हड़ताली पटवारियों को तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद अब यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या इस नोटिस के प्रभाव में पटवारी हड़ताल खत्म कर देंगे या यह आदेश सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
संभागायुक्त के निर्देश पर संभाग के सभी 6 जिलों के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों (एसडीएम) ने हड़ताली पटवारियों को नोटिस थमा दिए हैं। इसके तहत:
इन सभी को नोटिस जारी कर तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने, कार्यभार ग्रहण करने और संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति न देने वालों पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास न करने के कारण 5 पटवारियों को निलंबित भी किया जा चुका है।
शभागायुक्त श्री दुग्गा ने स्पष्ट किया है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारियों की अनुपस्थिति से आम नागरिकों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनता के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना से आम जनता की मुश्किलें और बढ़ेंगी।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अनुपस्थिति अवधि का वेतन और अन्य सेवा लाभ रोकने के साथ-साथ इस अवधि को ‘सेवा में व्यवधान’ (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा।
क्या पटवारियों पर होगा अल्टीमेटम का असर? प्रशासनिक सख्ती और ‘ब्रेक इन सर्विस’ जैसी कड़ी चेतावनियों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पटवारी इस अल्टीमेटम के दबाव में काम पर लौटते हैं या हड़ताल का रुख और कड़ा होता है। फिलहाल, इस खींचतान के बीच आम जनता और किसानों के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

12वीं बटालियन में हुआ राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन, एकता नगर की परेड का लाइव प्रसारण।

रामानुजगंज भारत के लौह पुरुष एवं राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 12वीं बटालियन, रामानुजगंज में राष्ट्रीय एकता दिवस बेहद गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय एकता परेड का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे देखने के लिए बटालियन परिसर में भारी उत्साह देखा गया।

यह भव्य आयोजन बटालियन के सेनानी दौलत राम पोर्ते के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों, पुलिस परिवारजनों और नगर के नागरिकों ने देश की राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान और 500 से अधिक देशी रियासतों के ऐतिहासिक एकीकरण में उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने वक्ताओं के माध्यम से सरदार पटेल के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारने और राष्ट्र सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने का आह्वान किया।

इस देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम में अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर सहायक सेनानी मोहम्मद तसलीम आरिफ, सहायक सेनानी लियोश कुजूर, निरीक्षक जीवन किशोर कुजूर, कंपनी कमांडर भारत भूषण गिरी, कंपनी कमांडर रूप नाथ राम, सहायक उपनिरीक्षक किशोर लाम्बे एवं सहायक उपनिरीक्षक बालम सिंह सहित बटालियन के तमाम अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन एवं नगर के विधायक प्रतिनिधि शैलेश गुप्ता,मंडल अध्यक्ष सीताराम गुप्ता, शर्मिला गुप्ता, सुभाष जयसवाल,सहित नगर के गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार बंधु मौजूद रहे।लगभग 300 लोगों ने कार्यक्रम में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

एकता ही हमारी शक्ति है और अखंडता ही हमारे राष्ट्र की पहचान” कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उपस्थित सभी लोगों ने आंतरिक सुरक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने और देश में आपसी भाईचारा व सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया।