Tue. Oct 27th, 2026

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

हीरो शोरूम के विरुद्ध परिवहन विभाग की कार्रवाई अन्य डीलरों में हड़कंप

बलरामपुर-रामानुजगंज। परिवहन नियमों की अनदेखी और बिना वैध दस्तावेजों के दोपहिया वाहनों की बिक्री करना एक ऑटोमोबाइल डीलर को भारी पड़ गया। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चलगली स्थित ‘आनंद हीरो शोरूम’ के विरुद्ध जिला परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने शोरूम द्वारा बेचे गए 5 वाहनों को तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया है।

परिवहन विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद अब ब्लैकलिस्ट किए गए इन सभी 5 वाहनों का स्थायी पंजीयन (Registration) तब तक संभव नहीं हो सकेगा, जब तक कि संबंधित शोरूम संचालक विभाग से विधिवत और नियमानुसार ट्रेड सर्टिफिकेट (Trade Certificate) प्राप्त नहीं कर लेता। इस कार्रवाई से बिना नियम पूरे किए गाड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि मोटर यान अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के स्पष्ट प्रावधानों के तहत किसी भी ऑटोमोबाइल डीलर या शोरूम संचालक के लिए वाहनों का विक्रय करने से पहले परिवहन विभाग से ‘ट्रेड सर्टिफिकेट’ हासिल करना अनिवार्य है। ट्रेड सर्टिफिकेट के बिना वाहनों का व्यावसायिक विक्रय करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।

विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चलगली स्थित आनंद हीरो शोरूम बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के ही धड़ल्ले से दोपहिया वाहनों की बिक्री कर रहा है। शिकायत के आधार पर जब परिवहन विभाग द्वारा मामले की जांच की गई, तो आरोप सही पाए गए। शोरूम की यह कार्यप्रणाली सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन थी, जिसके बाद विभाग ने 5 वाहनों को चिह्नित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का कदम उठाया।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई के बाद जिले भर के अन्य वाहन विक्रेताओं और शोरूम संचालकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सभी डीलरों को कड़ा संदेश दिया है कि वे अपनी कागजी प्रक्रिया दुरुस्त रखें, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए गी।

भाभी ने देवर के प्राइवेट पार्ट पर किया हमला,पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बच्चों को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक महिला ने अपने देवर के निजी अंग पर दांतों से काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसके घाव पर कई टांके लगाए गए। घटना के बाद परिवार में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना जिले के सजेती थाना क्षेत्र के घुरऊपुर गांव की बताई जा रही है। बताया जाता है कि परिवार में बच्चे के चाचा के घर खाना खाने और बच्चे की कथित पिटाई को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बच्चे ने जब अपने साथ हुई घटना की जानकारी मां को दी, तो महिला नाराज हो गई। इसके बाद परिवार के सदस्यों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने पर महिला का अपने देवर रजनीश से आमना-सामना हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान महिला ने रजनीश के निजी अंग पर दांतों से काट लिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल उपचार की जरूरत पड़ी।
घटना के बाद परिजन घायल युवक को घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उपचार के दौरान घायल युवक को 55 टांके लगाए गए।
मामले में घायल युवक की पत्नी सुमन ने अपनी जेठानी गायत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों, विवाद की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है।
बच्चों को लेकर शुरू हुआ विवाद इस तरह हिंसक घटना में बदल जाना पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव को उजागर करता है। हालांकि, घटना के संबंध में सभी तथ्यों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, कोरिया RTO को अस्थायी रूप से किया गया अटैच

कोरिया। बस दुर्घटनाओं और यात्री सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच परिवहन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, जिला परिवहन कार्यालय कोरिया में पदस्थ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अमित प्रकाश कश्यप को प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से परिवहन आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर में कर्तव्यस्थ किया गया है।
इधर, हादसे के बाद भी बसों में ओवरलोडिंग को लेकर चिंता बनी हुई है। यात्रियों का आरोप है कि मनेन्द्रगढ़ से पाराडोल जाने वाली एक मिनी बस में यात्रियों को क्षमता से अधिक ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। तेज रफ्तार से बस चलाए जाने की शिकायतों ने भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आखिर कब थमेगा ओवरलोडिंग का खेल? बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना और लापरवाही से वाहन चलाना यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों से नियमित जांच, नियमों का सख्ती से पालन तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

जिले में अब 54 उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी,बिचौलियों पर रहेगी रोक

बलरामपुर, रामानुजगंज खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

जिले में इस बार कुल 54 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी, जिनमें 49 पूर्व से संचालित तथा 5 नवीन केंद्र शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने सभी केंद्रों में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने टोकन व्यवस्था सुचारू रखने, किसानों को प्रक्रिया संबंधी जानकारी समय पर देने तथा विकासखंड स्तर पर ऑपरेटरों का प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। धान के अवैध परिवहन और कोचियों-बिचौलियों पर रोक के लिए प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार चेकपोस्ट स्थापित कर सतत निगरानी रखने को भी कहा गया।

खाद्य अधिकारी ने समिति प्रबंधकों से प्रारंभिक तैयारियों की बिंदुवार जानकारी ली और केंद्रों में सुगम पहुंच मार्ग, चबूतरे व फड़ का समतलीकरण, पेयजल, शौचालय, किसानों के लिए छायादार विश्राम स्थल, जल निकासी तथा सुरक्षा व्यवस्था समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। तौल कांटों व बाटों का सत्यापन, कंप्यूटर, प्रिंटर, विद्युत व्यवस्था, बारदाना, सूचना पटल, प्राथमिक उपचार पेटी, सीसीटीवी कैमरे, धान की स्टैकिंग तथा टोकन ऐप की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों को शासन की धान खरीदी गाइडलाइन का विस्तृत जानकारी भी दिया गया।

बैठक में फसल सर्वे, एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन, एकीकृत पोर्टल में डाटा कैरी फॉरवर्ड, विगत वर्ष के धान के उठाव एवं कस्टम मिलिंग की समीक्षा की गई। अधिकारियों को धान फसल का भौतिक सत्यापन करने तथा शेष किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन शीघ्र कराकर उनके नॉमिनी की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आर. एस. लाल, खाद्य अधिकारी श्री विनय कुजूर, सहायक पंजीयक श्री सुरेश कुमार पैंकरा, जिला विपणन अधिकारी सुश्री प्रीतिका पूजा केरकेट्टा, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी के.पी. मिश्रा सहित खाद्य निरीक्षक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में योग शिविर एवं एकता दौड़ का आयोजन।

रामानुजगंज। शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में रामानुजगंज स्थित 12वीं बटालियन परिसर में पतंजलि कायाकल्प योग कक्षा के सहयोग से योग शिविर एवं एकता दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बटालियन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सैनिकों और योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के माध्यम से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ समाज में अनुशासन, भाईचारे, राष्ट्रीय एकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन योगाभ्यास से हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने योगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। इसके पश्चात एकता दौड़ आयोजित की गई, जिसमें बटालियन के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं योग साधकों ने सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और आपसी सहयोग का वातावरण देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार पतंजलि कायाकल्प योग कक्षा की संचालिका आरती वाजपेयी ने बताया कि रामानुजगंज में कनहर नदी के तट पर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में प्रतिदिन सुबह 5 बजे से निःशुल्क योग कक्षा संचालित की जाती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 9 मार्च 2019 को योगगुरु डॉ. पवन सिंघल के निर्देशन में मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से हुई थी। वर्तमान में अशोकनगर, ग्वालियर, भोपाल और खुरई सहित छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन कक्षाओं के माध्यम से लोगों को नियमित योगाभ्यास, शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

आरती वाजपेयी ने कहा कि योग साधकों और 12वीं बटालियन के अधिकारियों-कर्मचारियों का एक साथ योगाभ्यास एवं एकता दौड़ में शामिल होना गौरव का विषय है। ऐसे आयोजन न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।

वहीं, 12वीं बटालियन के सेनानी दौलत राम पोर्ते ने बताया कि शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में आयोजित एकता दौड़ के माध्यम से उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। ऐसे कार्यक्रम पुलिस बल में अनुशासन, समर्पण, एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं।

कार्यक्रम में सेनानी दौलत राम पोर्ते, लियोस कुजूर, सहायक सेनानी गोविंद राम मिंज, रूपनाथ, राम भगत, भारत भूषण गिरी, कंपनी कमांडर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और सैनिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को नमन करते हुए एकता, सद्भावना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश के साथ हुआ। पतंजलि कायाकल्प योग कक्षा एवं 12वीं बटालियन का यह संयुक्त आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, नियमित योगाभ्यास और आपसी सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा।

निर्माण कार्य में अनियमितताओं को लेकर नगरवासियों ने किया, एनएच-343 पर चक्काजाम

रामानुजगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और धीमी गति से काम किए जाने को लेकर शुक्रवार को नगरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। मंत्री रामविचार नेताम और कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद सड़क निर्माण कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने से नाराज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। कलेक्टर से नगर पालिका अध्यक्ष की बातचीत के बाद करीब आधे घंटे में चक्काजाम समाप्त किया गया।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान नगरवासियों ने सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा प्रतिदिन हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने सड़क के एलाइनमेंट को दुरुस्त नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार नहीं किया जा रहा है, वहीं बिजली के खंभों की शिफ्टिंग का काम भी लापरवाही के साथ किया जा रहा है। इन समस्याओं के कारण सड़क निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नगरवासियों ने नाली निर्माण कार्य में भी लापरवाही बरते जाने की बात कही। उनका कहना है कि नाली निर्माण के दौरान पानी का उचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। वहीं, नाली का स्तर ऊंचा हो जाने के कारण कई स्थानों पर लोगों के घरों और अन्य रास्तों से आवागमन में परेशानी उत्पन्न हो रही है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, नाली निर्माण के बाद जहां नाली के किनारे मिट्टी भरकर रास्ते को सुचारु रखना जरूरी है, वहां भी अपेक्षित काम नहीं किया जा रहा है। इससे स्थानीय निवासियों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है।

नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम गुप्ता, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष बीडी लाल गुप्ता, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री अश्वनी गुप्ता, वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद सिद्धांत यादव, अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं क्षेत्रवासी चक्काजाम में शामिल रहे।

रेलवे ट्रैक पार करते समय विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी की दर्दनाक मौत

हुसैनाबाद। झारखंड के हुसैनाबाद क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुए दर्दनाक हादसे में सेवानिवृत्त शिक्षक अवधेश सिंह की मौत हो गई। बुधवार शाम महुआरी देहरी गांव के समीप रेलवे ट्रैक पार करते समय उनकी मोटरसाइकिल फंसकर बंद हो गई। इसी दौरान वहां से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

 

ट्रैक से मोटरसाइकिल निकालने के दौरान हुआ हादसा

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब सात बजे अवधेश सिंह मोटरसाइकिल से जपला बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान महुआरी देहरी गांव के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय उनकी मोटरसाइकिल ट्रैक पर फंस गई और बंद हो गई। बताया जाता है कि वह मोटरसाइकिल को ट्रैक से निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच वहां से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

अवधेश सिंह के निधन पर पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह उर्फ टूटू सिंह तथा मध्य जिला परिषद क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मिथिलेश सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

इस दुखद घटना से पूरे हुसैनाबाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

ड्यूटी में लापरवाही पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई,

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में विकासखंड राजपुर अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतपुर में ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने के मामले में स्टाफ नर्स श्रीमती अपूर्वा सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग ने मामला संज्ञान में आने के महज 48 घंटे के भीतर निलंबन का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर को ग्राम कुंदीकला निवासी प्रसूता श्रीमती अनिता सिंह प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतपुर पहुंचीं। उस समय अस्पताल में संबंधित स्टाफ की अनुपस्थिति का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 21 अक्टूबर को खंड चिकित्सा अधिकारी, राजपुर से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसी दिन किए गए निरीक्षण में पाया गया कि मॉर्निंग ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं थीं। अस्पताल के प्रभारी द्वारा फोन किए जाने के बाद नर्स अस्पताल पहुंचीं, जिसके पश्चात प्रसूता को भर्ती कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी ने प्रसूता श्रीमती अनिता सिंह से स्वयं संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। राहत की बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित स्टाफ नर्स को प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही, विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 10 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल,

खरसिया। शहर के टाउन हॉल मैदान में संचालित मीना बाजार में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बड़े आकाश झूले से गिरने के कारण 39 वर्षीय नकुल निषाद की मौत हो गई। मृतक की पहचान पठानपारा निवासी नकुल निषाद, पिता रामप्रसाद निषाद, के रूप में हुई है। घटना के बाद शव को खरसिया सिविल अस्पताल में रखा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नकुल निषाद की मौत बड़े आकाश झूले से गिरने के बाद हुई। हालांकि, हादसे के वक्त वे झूले में सवार थे या किन्हीं अन्य परिस्थितियों में नीचे गिरे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मीना बाजार में संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है? क्या झूलों के संचालन से पहले आवश्यक सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच की प्रक्रिया का पालन किया गया था? हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

यह हादसा मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गया है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन मामले की जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

झाड़-फूंक के आरोप में निर्मम हत्या,आरोपी परिवार फरार पुलिस की तलाश जारी

पलामू। झारखंड के पलामू जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के गांव में झाड़-फूंक करने के संदेह में बुजुर्ग सीताराम रविदास की कथित तौर पर गला काटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि एक युवक की इलाज के दौरान मौत होने के बाद उसके परिजन बुजुर्ग के घर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया। घटना के बाद से कथित आरोपी परिवार के सदस्य फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगरडीहा गांव निवासी महंग राम के बेटे विवेक कुमार की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इसके बाद बुधवार सुबह परिवार के कुछ सदस्य कथित तौर पर सीताराम रविदास के घर पहुंचे।
आरोप है कि युवक की मौत से नाराज परिजनों ने बुजुर्ग पर झाड़-फूंक करने का संदेह जताते हुए हमला कर दिया और गला काटकर उनकी हत्या कर दी। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतक की पहचान सीताराम रविदास के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पलामू जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र के निवासी थे। बताया जाता है कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से अपने ससुराल मंगरडीहा गांव में रह रहे थे। उनकी हत्या की खबर सामने आते ही गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला झाड़-फूंक और अंधविश्वास से जुड़े संदेह से संबंधित बताया जा रहा है।
वारदात के बाद कथित आरोपी परिवार के सदस्यों के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाने और कानून हाथ में लेने जैसी घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी व्यक्ति की बीमारी या मृत्यु के लिए बिना प्रमाण किसी को जिम्मेदार ठहराना और उसके आधार पर हिंसा करना बेहद गंभीर मामला है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की तलाश, हत्या से जुड़े तथ्यों का खुलासा और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है।