Wed. Oct 21st, 2026

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल,

खरसिया। शहर के टाउन हॉल मैदान में संचालित मीना बाजार में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बड़े आकाश झूले से गिरने के कारण 39 वर्षीय नकुल निषाद की मौत हो गई। मृतक की पहचान पठानपारा निवासी नकुल निषाद, पिता रामप्रसाद निषाद, के रूप में हुई है। घटना के बाद शव को खरसिया सिविल अस्पताल में रखा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नकुल निषाद की मौत बड़े आकाश झूले से गिरने के बाद हुई। हालांकि, हादसे के वक्त वे झूले में सवार थे या किन्हीं अन्य परिस्थितियों में नीचे गिरे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मीना बाजार में संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है? क्या झूलों के संचालन से पहले आवश्यक सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच की प्रक्रिया का पालन किया गया था? हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

यह हादसा मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गया है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन मामले की जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

झाड़-फूंक के आरोप में निर्मम हत्या,आरोपी परिवार फरार पुलिस की तलाश जारी

पलामू। झारखंड के पलामू जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के गांव में झाड़-फूंक करने के संदेह में बुजुर्ग सीताराम रविदास की कथित तौर पर गला काटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि एक युवक की इलाज के दौरान मौत होने के बाद उसके परिजन बुजुर्ग के घर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया। घटना के बाद से कथित आरोपी परिवार के सदस्य फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगरडीहा गांव निवासी महंग राम के बेटे विवेक कुमार की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इसके बाद बुधवार सुबह परिवार के कुछ सदस्य कथित तौर पर सीताराम रविदास के घर पहुंचे।
आरोप है कि युवक की मौत से नाराज परिजनों ने बुजुर्ग पर झाड़-फूंक करने का संदेह जताते हुए हमला कर दिया और गला काटकर उनकी हत्या कर दी। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतक की पहचान सीताराम रविदास के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पलामू जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र के निवासी थे। बताया जाता है कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से अपने ससुराल मंगरडीहा गांव में रह रहे थे। उनकी हत्या की खबर सामने आते ही गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला झाड़-फूंक और अंधविश्वास से जुड़े संदेह से संबंधित बताया जा रहा है।
वारदात के बाद कथित आरोपी परिवार के सदस्यों के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाने और कानून हाथ में लेने जैसी घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी व्यक्ति की बीमारी या मृत्यु के लिए बिना प्रमाण किसी को जिम्मेदार ठहराना और उसके आधार पर हिंसा करना बेहद गंभीर मामला है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की तलाश, हत्या से जुड़े तथ्यों का खुलासा और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

सागर मोती फाउंडेशन के तत्वावधान में पुतला दहन कार्यक्रम संपन्न।

रामानुजगंज। बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व रामानुजगंज में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजसेवी संस्था सागर मोती फाउंडेशन के तत्वावधान में नगर के हाई स्कूल मैदान में लगभग 75 फीट ऊंचे विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया गया। भव्य आतिशबाजी और भजनों की मधुर धुनों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।

हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी रावण दहन कार्यक्रम को विशेष आकर्षक बनाने के लिए विशालकाय पुतले का निर्माण कराया गया था। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में रावण दहन का दृश्य लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में धर्मगुरुओं सहित नगर के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

जानकारी के अनुसार आयोजन समिति के प्रमुख एवं नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि नगरवासियों के सहयोग से सागर मोती फाउंडेशन द्वारा विगत कई वर्षों से विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना तथा समाज में सत्य, सदाचार और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

रामानुजगंज में आयोजित भव्य रावण दहन कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। विशालकाय रावण के पुतले के दहन के साथ उपस्थित लोगों ने बुराई का त्याग कर सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश ग्रहण किया। इस आयोजन ने नगर में विजयादशमी के उत्सव को यादगार बनाया और लोगों के बीच आपसी सहभागिता एवं सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत किया।

हवस में गई एक और पति की जान हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में सीसीएल (CCL) कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। गिद्दी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में मृतक की पत्नी सोनाली की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश में सोनाली के साथ उसके कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मंगलेश पाल की पत्नी सोनाली और कौशिक कुमार नौनिया के बीच कथित प्रेम संबंध थे। आरोप है कि दोनों पिछले करीब एक वर्ष से मंगलेश को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे। पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे सीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल करने की मंशा भी एक संभावित कारण थी।

हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित पात्रता और अन्य परिस्थितियां नियमानुसार तय होती हैं। ऐसे में हत्या के पीछे बताए जा रहे मकसद की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर घटनाक्रम को लेकर गुमराह करने की कोशिश के संकेत मिले। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी जांच ने मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी सोनाली, कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग को मामले से जुड़ा आरोपी बताया है।

पुलिस के मुताबिक, कौशिक कुमार नौनिया गिद्दी के सिटीजन फोरम स्कूल के पास रह रहा था। वहीं, मामले में नाबालिग की कथित संलिप्तता को देखते हुए उसके विरुद्ध किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने जांच की प्रमुख जानकारियां साझा कीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिद्दी थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन सहित पुलिस के अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई का दावा करते हुए बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

मंगलेश पाल हत्याकांड में पुलिस के खुलासे के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए हत्या की कथित साजिश का पहलू चर्चा में है। लेकिन इस मामले में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका, हत्या के पीछे का अंतिम मकसद और साक्ष्यों की विश्वसनीयता जैसे सवालों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य और न्यायिक सुनवाई ही यह तय करेंगे कि आरोपियों की भूमिका क्या थी और उन पर लगाए गए आरोप किस हद तक प्रमाणित होते हैं।

कन्हर नदी में डूबने से 14 वर्षीय किशोर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल,

रामानुजगंज। नगर में दशहरा मेले के दौरान बैलून बेचकर अपने परिवार की मदद करने आए झारखंड के एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब कन्हर नदी में डूबने से 14 वर्षीय किशोर इरशाद अंसारी की मौत हो गई। सोमवार दोपहर हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद नदी और एनीकट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर में चर्चा है कि यदि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी और सांकेतिक बोर्ड लगाए गए होते, तो शायद इस तरह की घटना को रोकने में मदद मिल सकती थी। हालांकि, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति और विभागीय जिम्मेदारी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के डालटनगंज क्षेत्र अंतर्गत एक परिवार दशहरा मेले में बैलून बेचने के लिए रामानुजगंज आया हुआ था। सोमवार को दोपहर करीब एक बजे बैलून बेचने के बाद इरशाद अंसारी अपने दो चचेरे भाइयों शमशाद अंसारी (10) और सफीक अंसारी (9) के साथ राम मंदिर के पास स्थित कन्हर नदी में नहाने चला गया। इसी दौरान इरशाद नहाते हुए महामाया मंदिर के पास स्थित एनीकट की ओर बढ़ गया और गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया।
घटना की जानकारी मिलने पर रामानुजगंज पुलिस मौके पर पहुंची और किशोर की तलाश शुरू कराई। करीब दो से तीन घंटे की तलाश के बाद कालिकापुर के एक युवक ने किशोर को पानी में देखा और बाहर निकाला। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दोपहर करीब तीन बजे किशोर का शव बरामद होने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए रामानुजगंज के सौ बिस्तर अस्पताल भेज दिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद कन्हर नदी और एनीकट के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि क्या नदी के गहरे हिस्सों और एनीकट के समीप पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, खतरे के संकेत तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं मौजूद थीं? यदि ऐसे स्थानों पर आम लोगों को सावधान करने के लिए स्पष्ट संकेतक नहीं लगाए गए थे, तो यह जांच का विषय है।
खासकर दशहरा मेले जैसे अवसरों पर दूसरे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित नगर पहुंचते हैं। ऐसे में नदी और एनीकट जैसे जोखिमपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना और लोगों को संभावित खतरे से आगाह करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
घटना के बाद जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, हादसे के लिए किसी विभाग की लापरवाही को फिलहाल प्रमाणित नहीं माना जा सकता। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित स्थल पर सुरक्षा संकेतक लगाने, खतरे की जानकारी देने और आवश्यक सुरक्षा उपायों की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की थी तथा वहां निर्धारित व्यवस्था लागू थी या नहीं।
नगर वासियों का कहना है कि एक मासूम की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नदी और एनीकट के संवेदनशील हिस्सों का सुरक्षा ऑडिट किया जाता है? क्या वहां पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं? और क्या मेले के दौरान लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती गई थी?
इरशाद अंसारी की मौत उसके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करें, जिम्मेदारी तय करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि किसी दूसरे परिवार को इस तरह का असहनीय दुख न झेलना पड़े।

चलगली-रामानुजगंज सड़क निर्माण को मिली स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही शुरू होगा काम: मंत्री रामविचार नेताम

बलरामपुर-रामानुजगंज। प्रदेश में ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने और गांवों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंत्री रामविचार नेताम ने कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सड़क सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चलगली से रामानुजगंज सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मंत्री नेताम ने कहा कि चलगली को बलरामपुर और वाड्रफनगर से बेहतर सड़क मार्ग के माध्यम से जोड़ने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस दिशा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और विकास गतिविधियों को गति मिल सके।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांवों में सीसी रोड निर्माण सहित पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ गांवों में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए मुक्तिधाम निर्माण की योजना भी तैयार की गई है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र माताओं और बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक सहयोग मिल रहा है और वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में अधिक सक्षम बन रही हैं।
उन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती के साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को व्यावसायिक रूप देकर किसान अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कृषि के साथ अन्य आजीविका गतिविधियों को जोड़ने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही। पुलिया निर्माण के भूमिपूजन के साथ ही क्षेत्र में सड़क संपर्क, ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार और आजीविका संवर्धन से जुड़े विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।

मोरन नदी पुल का भूमिपूजन, 15 से 20 हजार ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

बलरामपुर, रामानुजगंज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन तथा पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने आज नवरात्रि की महाअष्टमी पर ग्राम कपिलदेवपुर में मोरन नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग, अम्बिकापुर यह पुल कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर बनाएगा। इसके लिए 591.04 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। पुल बनने से चलगली क्षेत्र के 12 से 15 गांवों के 15 से 20 हजार ग्रामीणों को जिला मुख्यालय बलरामपुर पहुंचने के लिए लगभग 15 किलोमीटर कम दूरी तय करनी होगी।

144 मीटर लंबे और 8.40 मीटर चौड़े इस पुल में 24-24 मीटर के 6 स्पैन होंगे। संरचना को मजबूत बनाने के लिए पाइल फाउंडेशन तकनीक अपनाई जाएगी। पुल के दोनों छोरों पर कुल 271 मीटर पहुंच मार्ग भी बनेगा।

समारोह में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि महाअष्टमी के शुभ अवसर पर क्षेत्रवासियों को यह सौगात मिली है। पुल न होने से ग्रामीणों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। व पुल बनने के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार ग्रामीणों की सहज पहुंच में होंगे। उन्होंने बताया कि चलगली से रामानुजगंज सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही इसका निर्माण शुरू होगा। चलगली को बलरामपुर और वाड्रफनगर से बेहतर सड़क मार्ग से जोड़ने की कार्ययोजना पर भी जनप्रतिनिधियों के समन्वय से काम हो रहा है। मंत्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत गांवों में सीसी रोड और पंचायतों में आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराए जा रहे हैं।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीणजन, व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से एक की मौत, रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से सोनू वर्मन की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन तथा पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र मेंभटिया मंदिर पेट्रोल पंप के पास हुए इस हादसे में सोनू वर्मन की जान चली गई। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में शामिल हाईवा तेज रफ्तार में था। वहीं, घटना के बाद चालक के मौके से फरार होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि संबंधित हाईवा रेत कारोबारी सोनू साहू से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वाहन के स्वामित्व, चालक की भूमिका और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेत परिवहन की निगरानी पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जैतपुर क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और उनकी गति पर निगरानी जरूरी है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आक्रोशित लोगों ने जैतपुर थाने में पदस्थ दो आरक्षकों पर रेत कारोबार को कथित संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
मिली जानकारी के अनुसार हादसे से नाराज लोगों ने जैतपुर थाना प्रभारी के निलंबन, आरोपों के घेरे में आए दोनों आरक्षकों की भूमिका की जांच तथा हाईवा के मालिक और चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और रेत परिवहन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले में जवाबदेही तय की जाए और दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। उनका कहना है कि एक युवक की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
फिलहाल हादसे के कारणों, हाईवा चालक की भूमिका, वाहन के स्वामित्व और रेत के कथित अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों का आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है।

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 11 दिसंबर तक दर्ज होंगे दावे-आपत्ति।

बलरामपुर रामानुजगंज भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया गया है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार 02 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात 12 नवंबर 2026 को निर्वाचक नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन होगा तथा 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 04 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

 

चरित्र पर शक के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद ने लिया हिंसक रूप,

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। घटना में घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी प्लंबर और मजदूरी का काम करता है, जबकि उसकी पत्नी दूसरे लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती है। आरोप है कि पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।
बताया जा रहा है कि पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते पति उसे जांच के लिए अस्पताल लेकर गया था। अस्पताल से वापस लौटते समय दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद महिला को घर भेज दिया गया, लेकिन घर पहुंचने के बाद विवाद दोबारा भड़क उठा।

आरोप है कि घर पहुंचने के बाद पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने महिला के निजी अंगों में लौकी डालने जैसी क्रूर हरकत भी की। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान दंपती के बच्चे भी घर में मौजूद थे। इसके अलावा, इससे पहले हुए विवाद के दौरान सड़क पर महिला के कपड़े उतारने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
घटना के बाद घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
यह घटना घरेलू विवादों के हिंसक रूप लेने और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, मामले के सभी तथ्यों और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।