बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण में लापरवाही सामने आने पर माध्यमिक शाला धनादोहर के प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो और शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी के लिपिक देवनारायण राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
माध्यमिक शाला धनादोहर में आधे से भी कम विद्यार्थी उपस्थित
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति में अलग-अलग विद्यालयों में अंतर देखने को मिला। प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला में 13 में से 11 विद्यार्थी उपस्थित मिले, जबकि प्राथमिक शाला धनगांव में सभी 20 विद्यार्थी मौजूद थे। माध्यमिक शाला धनगांव में 18 में से 13 और प्राथमिक शाला धनादोहर में 31 में से 20 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए।
वहीं, माध्यमिक शाला धनादोहर में दर्ज 69 विद्यार्थियों में से केवल 31 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले। आधे से भी कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके अलावा प्राथमिक शाला नेहरूनगर में 26 में से 17 विद्यार्थी उपस्थित मिले।
शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी के निरीक्षण के दौरान 348 छात्राएं उपस्थित थीं। इसी दौरान विद्यालय में पदस्थ लिपिक देवनारायण राम के अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित लिपिक को भी नोटिस जारी किया। विभागीय स्तर पर इस मामले में आगे की कार्रवाई नोटिस के जवाब और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला नेहरूनगर में मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, प्राथमिक शाला धनगांव में विद्यालय परिसर की स्वच्छता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी की छात्राओं ने साइकिल स्टैंड की आवश्यकता भी जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष रखी। इस पर निरापुरे ने आवश्यक विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने कलेक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी शैक्षणिक संस्थाओं को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति बढ़ाने तथा निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के हाथों और नाखूनों की नियमित स्वच्छता के साथ कक्षाओं एवं विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने पर भी जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से औचक निरीक्षण और आवश्यक विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

