तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से सोनू वर्मन की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन तथा पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र मेंभटिया मंदिर पेट्रोल पंप के पास हुए इस हादसे में सोनू वर्मन की जान चली गई। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में शामिल हाईवा तेज रफ्तार में था। वहीं, घटना के बाद चालक के मौके से फरार होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि संबंधित हाईवा रेत कारोबारी सोनू साहू से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वाहन के स्वामित्व, चालक की भूमिका और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रेत परिवहन की निगरानी पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जैतपुर क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और उनकी गति पर निगरानी जरूरी है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आक्रोशित लोगों ने जैतपुर थाने में पदस्थ दो आरक्षकों पर रेत कारोबार को कथित संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
मिली जानकारी के अनुसार हादसे से नाराज लोगों ने जैतपुर थाना प्रभारी के निलंबन, आरोपों के घेरे में आए दोनों आरक्षकों की भूमिका की जांच तथा हाईवा के मालिक और चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और रेत परिवहन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले में जवाबदेही तय की जाए और दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। उनका कहना है कि एक युवक की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
फिलहाल हादसे के कारणों, हाईवा चालक की भूमिका, वाहन के स्वामित्व और रेत के कथित अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों का आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है।

