कार्यक्रम में मलेरिया के लक्षण, रोकथाम, उपचार एवं जनजागरूकता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। बीएमओ सनावल डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर एवं जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और उचित उपचार से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। सभी उपस्थित लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई।

इस दौरान अधीक्षक डॉ. शरदचंद्र, गुप्ता द्वारा बताया गया कि हर बुखार की जांच – मलेरिया की पहचान”, “समय पर जांच और पूर्ण उपचार – मलेरिया से बचाव” तथा “मच्छरदानी का नियमित उपयोग – सुरक्षित जीवन की कुंजी” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और जल जमाव को रोकने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर बुखार सर्वे, संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच, पॉजिटिव मामलों का शीघ्र उपचार तथा जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अंत में सभी ने संकल्प लिया कि सामूहिक प्रयासों से रामानुजगंज सहित पूरे बलरामपुर जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जाएगा। “शून्य मलेरिया – स्वस्थ बलरामपुर, स्वस्थ छत्तीसगढ़” के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु जनसहभागिता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

