बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में पशुओं को संक्रामक एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। राज्य शासन एवं कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान के तहत अब तक 5 लाख 61 हजार 412 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य पशुधन को बीमारियों से बचाना, पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से राहत दिलाना तथा पशुपालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार, बकरी एवं भेड़ों को पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) बीमारी से बचाने के लिए 20 सितंबर से 7 नवंबर 2026 तक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, गाय एवं भैंसों को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से सुरक्षित रखने के लिए 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक जिले में 2 लाख 25 हजार 717 बकरी एवं भेड़ों को पीपीआर तथा 3 लाख 35 हजार 695 गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को एलएसडी का टीका लगाया जा चुका है।
पीपीआर और लम्पी स्किन डिजीज से पशुओं को खतरा
पीपीआर बकरी और भेड़ों में होने वाली अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जिसे बकरी प्लेग के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क तथा उनकी लार, छींक और खांसी की बूंदों के माध्यम से फैल सकती है। तेज बुखार, मुंह में घाव एवं छाले, दस्त, मुंह-नाक से पानी बहना और अत्यधिक कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इसी तरह लम्पी स्किन डिजीज मुख्य रूप से गाय एवं भैंसों को प्रभावित करने वाली संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है। इसमें पशुओं को तेज बुखार, त्वचा पर कठोर उभरी हुई गांठें, पैरों एवं थनों में सूजन, आंख और नाक से पानी बहने तथा चारे की खपत में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने, संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने तथा उसके चारे-पानी की अलग व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार, इन संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। टीकाकरण से बीमारी के प्रसार और पशुओं की मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। इससे पशुपालकों को महंगे उपचार तथा पशुधन की क्षति से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में भी सहायता मिलती है। पशुओं की नियमित देखभाल, उचित पोषण और समय पर टीकाकरण से पशुपालन व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
पशुपालकों से टीकाकरण कराने की अपील
जिले में पशुधन विकास विभाग एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से टीकाकरण अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने बकरी, भेड़, गाय और भैंस का निर्धारित अभियान के तहत अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं तथा टीकाकरण कार्य में विभागीय अमले का सहयोग करें।
पशुओं के टीकाकरण, उपचार एवं अन्य पशु चिकित्सा संबंधी जानकारी के लिए पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टोल फ्री हेल्पलाइन 1962 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विभाग का उद्देश्य जिले के पशुधन को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखते हुए पशुपालकों की आजीविका को मजबूत करना और पशुपालन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

