अम्बिकापुर/सरगुजा संभाग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गए पटवारियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा ने संभाग के सभी हड़ताली पटवारियों को तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद अब यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या इस नोटिस के प्रभाव में पटवारी हड़ताल खत्म कर देंगे या यह आदेश सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
संभागायुक्त के निर्देश पर संभाग के सभी 6 जिलों के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों (एसडीएम) ने हड़ताली पटवारियों को नोटिस थमा दिए हैं। इसके तहत:
इन सभी को नोटिस जारी कर तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने, कार्यभार ग्रहण करने और संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति न देने वालों पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास न करने के कारण 5 पटवारियों को निलंबित भी किया जा चुका है।
शभागायुक्त श्री दुग्गा ने स्पष्ट किया है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारियों की अनुपस्थिति से आम नागरिकों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनता के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना से आम जनता की मुश्किलें और बढ़ेंगी।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अनुपस्थिति अवधि का वेतन और अन्य सेवा लाभ रोकने के साथ-साथ इस अवधि को ‘सेवा में व्यवधान’ (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा।
क्या पटवारियों पर होगा अल्टीमेटम का असर? प्रशासनिक सख्ती और ‘ब्रेक इन सर्विस’ जैसी कड़ी चेतावनियों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पटवारी इस अल्टीमेटम के दबाव में काम पर लौटते हैं या हड़ताल का रुख और कड़ा होता है। फिलहाल, इस खींचतान के बीच आम जनता और किसानों के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारियों की हड़ताल पर प्रशासन सख्त: काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम,

