सरगुजा जिले के अंबिकापुर ग्राम तकिया शरीफ में सूफी संत हजरत सैयद बाबा मुरादाबाद वाली शाह और मोहब्बत शाह वली रहमतुल्लाह अलैह की मजार शरीफ पर 152वां उर्स पाक बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
इस मुबारक प्रोग्राम की शुरुआत 20 मई को उल्मा दिन की तकरीर से होगी, जबकि 21 और 22 मई को शानदार कव्वाली मुकाबले का आयोजन किया गया है। कव्वाली मुकाबले में उत्तर प्रदेश के साकिब साबरी कव्वाल और दिल्ली के जरा वारसी कव्वाल अपनी गायकी से शमां बांधेंगे। 22 मई को मुंबई के हामिद हुसैन कव्वाल के साथ जरा वारसी के साथ मुकाबला कव्वाली का शानदार प्रोग्राम रखा गया है।
उर्स पाक के आयोजन को लेकर कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष दानिश रफीक ने बताया कि इस बार अंबिकापुर के इतिहास में पहली बार नगर की सभी मस्जिदों की कमेटियाँ एक साथ आकर इस महत्वपूर्ण प्रोग्राम का हिस्सा बन रही हैं। इस तीन दिवसीय आयोजन में लगभग 60 हजार जायरीनों की हाजिरी का अनुमान है।
यह मजार शरीफ सभी धर्मों और जातियों के लोगों के लिए अकीदत का केंद्र है। यहां पर बाबा मुराद शाह वली साह और मोहब्बत शाह वली की मजार के साथ एक छोटी मजार भी है, जिसे “तोते की मजार” कहा जाता है। लोग यहां आकर चादर चढ़ाते हैं और मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

इस बार के उर्स पाक में हजारों अकीदत मंद लोग शामिल होकर इन महान सूफी संतों की दरगाह पर चादर चढ़ाकर अपने मुरादों से फैज याब होंगे

