बलरामपुर जिले कै रमानुजगंज में कनहर नदी पर बने एनीकेट का गेट अचानक खुल जाना अब संदेह के घेरे में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत माह विभाग द्वारा एनीकेट की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया था इसके बाद भी निरंतर रिशाव जारी रहा। अब गेट के अनायास खुल जाने से यह शंका गहराने लगी है कि कहीं फिर से मरम्मत के नाम पर सरकारी धन निकालने की योजना तो नहीं बनाई जा रही।
सूत्रों की मानें तो विभागीय अधिकारियों ने इस घटना की जिम्मेदारी अज्ञात लोगों पर डाल दी है। उनका कहना है कि किसी ने गुप्त रूप से गेट को क्षति पहुंचाई है, जिससे वह खुल गया। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एनीकेट का गेट विभागीय निगरानी में रहता है और उसकी चाबी केवल अधिकृत कर्मचारियों के पास होती है, तो फिर बिना अनुमति के वह कैसे और क्यों खुला?
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर संदेह है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में कोई छेड़छाड़ हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है जिससे एनीकेट की दोबारा मरम्मत दिखाकर पुनः बजट स्वीकृत करवाया जा सके। यह घटना विभागीय लापरवाही की ओर भी इशारा करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शिता से कार्य करता है और जनता की शंकाओं को कैसे दूर करता है।

