बलरामपुर/रामानुजगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की रामानुजगंज इकाई ने शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामानुजगंज के वाणिज्य संकाय में कार्यरत अतिथि व्याख्याता प्रो. पवन सिंह के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में अभाविप ने उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अभाविप ने आरोप लगाया है कि प्रो. पवन सिंह के व्यवहार को लेकर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं द्वारा समय-समय पर गंभीर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। परिषद का कहना है कि इस कारण महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों में असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है।
अभाविप ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतों में कुछ महिला शिक्षकों एवं छात्राओं के साथ फोन कॉल, व्हाट्सएप तथा महाविद्यालय परिसर में अनुचित व्यवहार किए जाने जैसे आरोप शामिल हैं। परिषद का दावा है कि इन शिकायतों के कारण अनेक लोग खुलकर सामने आने से भी हिचक रहे हैं।
विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि मामले की जांच महाविद्यालय के बाहर के किसी सक्षम, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी अथवा जांच समिति से कराई जाए, ताकि सभी संबंधित पक्ष बिना किसी दबाव के अपने बयान और साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें।
ज्ञापन में सात दिनों के भीतर जांच समिति गठित कर शिकायतों की जांच पूरी करने तथा यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि व्याख्याता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई करने की मांग की गई है।
अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो छात्र हित, महिला सुरक्षा और महाविद्यालय में सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की स्थापना के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित शासन-प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा मंत्री, विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक (सरगुजा संभाग) तथा कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को भी प्रेषित की गई है।

