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प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में कोर्ट का सख्त फैसला,

सूरजपुर के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए तीन आरोपियों को फांसी की सजा तथा एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई, जबकि आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास की सजा दी गई। वहीं सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।

13 अक्टूबर 2024 की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात

मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की उनके घर में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद दोनों के शवों को पीढ़ा गांव के पास फेंके जाने का आरोप था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे सूरजपुर जिले में हड़कंप मच गया था।
इसी रात पुलिसकर्मी आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता हुआ तेल फेंकने और पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश की घटना भी सामने आई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

कार चढ़ाने के मामले में भी हो चुकी थी सजा

इसी घटनाक्रम से जुड़े पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने के प्रयास के मामले में न्यायालय पहले ही मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुना चुका है। उस मामले में अन्य पांच आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया था।
वहीं डबल मर्डर मामले में दोषियों की सजा पर सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई थी। आज हुई सुनवाई में अदालत ने तीन आरोपियों को फांसी और एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

डबल मर्डर केस में अदालत का सख्त संदेश

प्रधान आरक्षक की पत्नी और मासूम बेटी की हत्या के इस मामले में अदालत के फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को फांसी की सजा और एक को आजीवन कारावास दिए जाने से मामले ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

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