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चलगली-रामानुजगंज सड़क निर्माण को मिली स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही शुरू होगा काम: मंत्री रामविचार नेताम

बलरामपुर-रामानुजगंज। प्रदेश में ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने और गांवों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंत्री रामविचार नेताम ने कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सड़क सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चलगली से रामानुजगंज सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मंत्री नेताम ने कहा कि चलगली को बलरामपुर और वाड्रफनगर से बेहतर सड़क मार्ग के माध्यम से जोड़ने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस दिशा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और विकास गतिविधियों को गति मिल सके।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांवों में सीसी रोड निर्माण सहित पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ गांवों में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए मुक्तिधाम निर्माण की योजना भी तैयार की गई है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र माताओं और बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक सहयोग मिल रहा है और वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में अधिक सक्षम बन रही हैं।
उन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती के साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को व्यावसायिक रूप देकर किसान अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कृषि के साथ अन्य आजीविका गतिविधियों को जोड़ने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही। पुलिया निर्माण के भूमिपूजन के साथ ही क्षेत्र में सड़क संपर्क, ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार और आजीविका संवर्धन से जुड़े विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।

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