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हवस में गई एक और पति की जान हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में सीसीएल (CCL) कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। गिद्दी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में मृतक की पत्नी सोनाली की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश में सोनाली के साथ उसके कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मंगलेश पाल की पत्नी सोनाली और कौशिक कुमार नौनिया के बीच कथित प्रेम संबंध थे। आरोप है कि दोनों पिछले करीब एक वर्ष से मंगलेश को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे। पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे सीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल करने की मंशा भी एक संभावित कारण थी।

हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित पात्रता और अन्य परिस्थितियां नियमानुसार तय होती हैं। ऐसे में हत्या के पीछे बताए जा रहे मकसद की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर घटनाक्रम को लेकर गुमराह करने की कोशिश के संकेत मिले। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी जांच ने मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी सोनाली, कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग को मामले से जुड़ा आरोपी बताया है।

पुलिस के मुताबिक, कौशिक कुमार नौनिया गिद्दी के सिटीजन फोरम स्कूल के पास रह रहा था। वहीं, मामले में नाबालिग की कथित संलिप्तता को देखते हुए उसके विरुद्ध किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने जांच की प्रमुख जानकारियां साझा कीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिद्दी थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन सहित पुलिस के अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई का दावा करते हुए बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

मंगलेश पाल हत्याकांड में पुलिस के खुलासे के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए हत्या की कथित साजिश का पहलू चर्चा में है। लेकिन इस मामले में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका, हत्या के पीछे का अंतिम मकसद और साक्ष्यों की विश्वसनीयता जैसे सवालों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य और न्यायिक सुनवाई ही यह तय करेंगे कि आरोपियों की भूमिका क्या थी और उन पर लगाए गए आरोप किस हद तक प्रमाणित होते हैं।

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