
इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक मूल्यों की महत्ता को उजागर करते हुए एक विशेष पहल की।अपने क्षेत्र के बुजुर्गों का सम्मान करते हुए चरण धोकर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह को गहराई से भावुक कर गया और भारतीय संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों की झलक दिखाई। राजेश यादव ने अपने उद्बोधन में युवाओं को संस्कार, सेवा और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा है, और यह हमारा कार्यक्रम उसी सेवा भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पत्रकारों का भी विशेष सम्मान किया गया। श्रीफल और शाल उड़ाकर पत्रकारों को समाज में उनके योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। राजेश यादव ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस पूरे आयोजन ने न केवल एक राजनेता के जन्मदिन को मनाया, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सेवा और संस्कृति का संदेश भी समाज को दिया।

