अंबिकापुर में निजी स्कूलों की मनमानी, बढ़ती फीस, अभिभावकों के शोषण और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में कई निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों और विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन बने हुए हैं। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बीच मिलीभगत के कारण स्कूल प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। परिषद ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि, ड्रेस, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि यदि निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो परिषद आंदोलन को और उग्र करेगी। वहीं नगर मंत्री रोनी मिश्रा, सह मंत्री मयंक और महाविद्यालय अध्यक्ष रितेश ने भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस प्रदर्शन में एबीवीपी के कई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना, अनिवार्य खरीद व्यवस्था और अन्य अनियमितताओं की तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिल सके।
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एबीवीपी का हल्ला बोल।

