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रामानुजगंज में घुमंतू पशुओं से आखिर कब मिलेगी नागरिकों को निजात।

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले के नगर पालिका परिषद रामानुजगंज क्षेत्र में घुमंतू एवं बेसहारा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में दिनभर घूमते पशु राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। आए दिन सड़क पर मवेशियों के अचानक आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं कई बार छोटे-बड़े हादसे भी सामने आ चुके हैं।

नगरवासियों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक मवेशी सड़क के बीचों-बीच बैठे या घूमते दिखाई देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बनी रहती है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उद्देश्य बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाओं का लाभ धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। यदि बेसहारा पशुओं को समय पर गौधाम या गौशालाओं में रखा जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका परिषद एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आशा की है कि नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर घुमंतू पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा तथा पशु मालिकों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, ताकि सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

नगरवासियों का कहना है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक लोगों के मन में दुर्घटना का डर बना रहेगा। अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस और प्रभावी कदम उठाता है।

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