प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला, ब्लॉक एवं नगर स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में स्मार्ट मीटर के विरोध में जनजागरण अभियान तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़े अनुभवों एवं बिजली बिलों के संबंध में जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रपत्र भी भरवाए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वृद्धि हुई है, जिससे गरीब, श्रमिक, किसान एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी ब्लॉक, नगर एवं ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दों की जानकारी देंगे तथा उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं देती और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, पूना सिंह, रामनरेश पटेल, रफीक मेमन, ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा, ओमप्रकाश गुप्ता, बिलाल खान, नासिर खान, शरण सिंह, अकरम मंसूरी, जगदीश मधुकर, मकसूद आलम, भावेश जैन, दीपक श्रीवास्तव, अमोल सिंह, अमर सिंह, अज्जू रवि, पार्षद इमरान खान, आशीष राय, निर्मला चतुर्वेदी, रोमा चटर्जी, निखिल सहित जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

