Fri. Oct 23rd, 2026

August 2026

हाथियों ने किसानों की कई एकड़ फसल बर्बाद, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

रामचंद्रपुर जनपद के कई गांवों में जारी है जंगली हाथियों का उत्पात, वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की दी सलाह

रामचंद्रपुर। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में इन दिनों जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। हाथियों के झुंड द्वारा खेतों में पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीण अपनी फसलों और जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम चिनिया के लामीपारा क्षेत्र में चरवाहों ने शाम के समय एक जंगली हाथी के सावक के साथ पी-3450 क्षेत्र में विचरण करते हुए देखा। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के क्षेत्र में लगातार आने से खेतों में लगी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंच रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
हाथियों के विचरण को देखते हुए ग्रामीणों को जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। वहीं वन विभाग की टीम भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. दिलरुबा बानो ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें। हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीणों से रात के समय सावधानी बरतने तथा हाथियों के संभावित मार्ग से दूर रहने की सलाह दी है।
हाथियों के लगातार विचरण और फसल नुकसान को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ फसलों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

तीन बच्चों की मां ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

13 साल की शादी के बाद प्रेम संबंध बना हत्या की वजह,एक लाख रुपये की सुपारी का आरोप

चिनियां/ झारखंड के चिनियां थाना क्षेत्र में करीब एक साल पहले हुए सड़क हादसे के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में यह घटना कथित तौर पर सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पति की सुनियोजित हत्या की साजिश निकली है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और हत्या को अंजाम देने के लिए पिकअप चालक को एक लाख रुपये की सुपारी दी।

मृतक की पहचान बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के श्रीकांत रवि के रूप में हुई है। करीब 13 वर्ष पहले उसकी शादी झारखंड के देवीगंज निवासी मनीषा से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक, मनीषा का मोहम्मद हसन नामक व्यक्ति से प्रेम संबंध था। हसन रामानुजगंज में मोबाइल की दुकान चलाता था और कुछ समय तक श्रीकांत के घर में किराए पर भी रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच कथित रूप से नजदीकियां बढ़ीं।

प्रेम संबंध की जानकारी के बाद बढ़ा विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, श्रीकांत को पत्नी के कथित प्रेम संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। पुलिस का दावा है कि मनीषा और मोहम्मद हसन साथ रहना चाहते थे और इसी कारण श्रीकांत को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।

फोन कर बुलाया, रास्ते में पिकअप ने मारी टक्कर

पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन मनीषा ने फोन कर श्रीकांत को चिनियां बुलाया था। श्रीकांत बाइक से चिनियां के लिए निकला। इसी दौरान बरवाहा मोड़ के पास एक पिकअप ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे सड़क दुर्घटना माना था।

मां के बयान से बदली जांच की दिशा

श्रीकांत की मां शांति देवी को घटना को लेकर शुरू से ही संदेह था। उन्होंने पुलिस को बहू के कथित प्रेम संबंध और परिवार में चल रहे विवाद की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की। जांच में पुलिस को कथित तौर पर हादसे के पीछे हत्या की साजिश के सुराग मिले।

एक लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए पिकअप चालक प्रवेज अंसारी को एक लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। आरोप है कि तय योजना के तहत पिकअप से श्रीकांत की बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी गई, ताकि घटना सड़क हादसे जैसी दिखाई दे।

तीन गिरफ्तार, दो अन्य की तलाश

रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के अनुसार, पुलिस ने जांच के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक की पत्नी मनीषा,  हसन अंसारी और घटना के समय पिकअप में सवार परवेज अंसारी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में दो अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है तथा उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।

बदहाल NH-343, कहीं डायवर्सन तो कहीं क्षतिग्रस्त पुलिया दे रही हादसों को न्योता

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH-343) की बदहाल स्थिति इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, खतरनाक डायवर्सन, निर्माणाधीन हिस्से और क्षतिग्रस्त पुलियाएं दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। वर्षों से सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य लंबित होने के कारण लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।

NH-343 जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। इसके बावजूद कई हिस्सों में सड़क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। औरीझरिया से घाट क्षेत्र तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब बताई जा रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ बड़े वाहनों और यात्रियों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

डायवर्सन और क्षतिग्रस्त पुलियाएं बनीं चिंता का कारण

सड़क निर्माण के चलते कई स्थानों पर बनाए गए डायवर्सन तथा निर्माणाधीन पुल-पुलियों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगह बैरिकेडिंग और स्पष्ट चेतावनी संकेतों की कमी भी राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रात के समय इन स्थानों पर खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नजर नहीं आ रहा है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ तब तक सड़क के खतरनाक हिस्सों की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

निर्माण में देरी पर उठ रहे सवाल

NH-343 के निर्माण एवं सुधार कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर अब लोगों में सवाल उठने लगे हैं। आखिर वर्षों से लंबित कार्य कब पूरा होगा? निर्माण कार्य में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

कलेक्टर ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश

जिले में सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को खराब सड़कों और गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सेमरसोत मार्ग को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने दुर्घटना की संभावना वाले स्थानों पर तत्काल आवश्यक साइन बोर्ड, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवश्यक सुधार एवं सुरक्षा संबंधी कार्य पूर्ण कर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

हादसे से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत

अब सवाल यह है कि प्रशासन के निर्देश के बाद NH-343 की बदहाल तस्वीर कब तक बदलेगी। खतरनाक डायवर्सन, गड्ढों और क्षतिग्रस्त पुलियाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होगी, यह देखने वाली बात होगी।

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से भरी पिकअप जप्त चालक वाहन छोड़कर फरार।

वन संपदा की अवैध कटाई एवं परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम ने लकड़ी चिरान से भरी एक पिकअप वाहन को जप्त किया है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश वन विभाग द्वारा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग के अमले को लकड़ी के अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया। वन विभाग की कार्रवाई को देखते ही चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पिकअप वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसमें लदी लकड़ी को जप्त कर लिया।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जप्त लकड़ी की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, लकड़ी की वास्तविक मात्रा, प्रजाति एवं कीमत का विभागीय जांच और मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वन विभाग द्वारा जप्त वाहन एवं लकड़ी को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही फरार चालक की पहचान और उसकी तलाश की जा रही है। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि लकड़ी कहां से काटकर लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि वाड्रफनगर वन विभाग अवैध लकड़ी कटाई एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए सक्रिय है। विभागीय कार्रवाई के बाद अवैध कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर NSUI ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी।

रामानुजगंज। महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर NSUI ने आवाज बुलंद की है। NSUI महाविद्यालय उपाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय सचिव अभिषेक केशरी के नेतृत्व में महाविद्यालय के छात्रों एवं NSUI कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल कराने की मांग की।

अभिषेक केशरी ने कहा कि लंबे समय से महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। छात्रसंघ विद्यार्थियों की समस्याओं एवं मांगों को महाविद्यालय प्रशासन तथा शासन तक लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में जनभागीदारी शुल्क के अंतर्गत छात्रसंघ चुनाव के लिए भी राशि ली जाती है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव आयोजित किया जाना आवश्यक है। चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों में निराशा और असंतोष की स्थिति बन रही है।
ज्ञापन के माध्यम से NSUI ने मांग की कि छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल कर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तथा चुनाव के नाम पर विद्यार्थियों से ली जाने वाली राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
अभिषेक केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल नहीं किए गए तो छात्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को उग्र रूप देकर विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया जाएगा।
इस दौरान प्रिंस यादव, दीपक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं NSUI कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

श्रेया माही ने जीता मिस फर्स्ट रनर-अप का खिताब, रामानुजगंज का बढ़ाया गौरव

रामानुजगंज। अंबिकापुर में आयोजित सावन सुंदरी महोत्सव 2026 में पूरे सरगुजा संभाग से प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रतिभाओं एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विविधता को प्रस्तुत किया।
इस गरिमामयी आयोजन में बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वार्ड क्रमांक 4 निवासी श्री ओम प्रकाश ठाकुर जी की सुपुत्री श्रेया माही ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति देकर पूरे संभाग के प्रतिभागियों के बीच अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्रेया माही ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए Miss Chhattisgarh 2026 – 1st Runner Up का खिताब अपने नाम किया।

श्रेया माही की इस उपलब्धि से रामानुजगंज नगर सहित पूरे बलरामपुर जिले के लोगों में हर्ष एवं गर्व का माहौल है। एक छोटे से शहर से निकलकर श्रेया ने संभाग स्तर के मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपने नगर और जिले का नाम रोशन किया है।

श्रेया की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने, प्रोत्साहित करने और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की है। ऐसी प्रतिभावान छात्राओं एवं युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज और स्थानीय संस्थाओं को मिलकर निरंतर प्रयास करना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सके।

श्रेया माही की इस उपलब्धि पर नगरवासियों, शुभचिंतकों एवं जिलेवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

श्रेया माही ने जीता मिस फर्स्ट रनर-अप का खिताब, रामानुजगंज का बढ़ाया गौरव।

रामानुजगंज। 23 अगस्त 2026 को अंबिकापुर में आयोजित सावन सुंदरी महोत्सव 2026 में पूरे सरगुजा संभाग से प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रतिभाओं एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विविधता को प्रस्तुत किया।
इस गरिमामयी आयोजन में बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वार्ड क्रमांक 4 निवासी श्री ओम प्रकाश ठाकुर जी की सुपुत्री श्रेया माही ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति देकर पूरे संभाग के प्रतिभागियों के बीच अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्रेया माही ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए Miss Chhattisgarh 2026 – 1st Runner Up का खिताब अपने नाम किया।

श्रेया माही की इस उपलब्धि से रामानुजगंज नगर सहित पूरे बलरामपुर जिले के लोगों में हर्ष एवं गर्व का माहौल है। एक छोटे से शहर से निकलकर श्रेया ने संभाग स्तर के मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपने नगर और जिले का नाम रोशन किया है।

श्रेया की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने, प्रोत्साहित करने और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की है। ऐसी प्रतिभावान छात्राओं एवं युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज और स्थानीय संस्थाओं को मिलकर निरंतर प्रयास करना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सके।

श्रेया माही की इस उपलब्धि पर नगरवासियों, शुभचिंतकों एवं जिलेवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

मानदेय लंबित, फिर सर्वे ड्यूटी से शिक्षकों में आक्रोश

रामचंद्रपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में शिक्षकों की सर्वे ड्यूटी को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि मई 2023 में कराए गए आर्थिक-सामाजिक सर्वे का मानदेय आज तक उन्हें नहीं मिला है, इसके बावजूद अब जनपद पंचायत स्तर से दोबारा ‘सुघर छत्तीसगढ़’ सर्वे के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

बताया जा रहा है कि मई 2023 में जनपद पंचायत रामचंद्रपुर क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आर्थिक-सामाजिक सर्वे का ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कार्य कराया गया था। इस दौरान शिक्षकों को प्रगणक की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि ग्राम सहायकों को सुपरवाइजर बनाया गया था। शिक्षकों के अनुसार प्रगणक के लिए लगभग 5 हजार रुपये तथा सुपरवाइजर के लिए लगभग 16 हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया गया था।

शिक्षकों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच उन्हें घर-घर जाकर सर्वे का कार्य करना पड़ा। निर्धारित समय में कार्य पूरा कराने के लिए उन पर दबाव भी बनाया गया। लेकिन सर्वे पूरा होने के बाद मानदेय भुगतान में कथित तौर पर भेदभाव की स्थिति सामने आई। शिक्षकों का कहना है कि सुपरवाइजरों को मानदेय का भुगतान कर दिया गया, जबकि प्रगणक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों को आज तक उनका मानदेय नहीं मिला।

 

पुराना भुगतान लंबित, फिर नई जिम्मेदारी

 

शिक्षकों का कहना है कि जब वर्ष 2023 में किए गए सर्वे कार्य का मानदेय ही लंबित है, तो दोबारा सर्वे कार्य के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपना कई सवाल खड़े करता है। शिक्षकों का कहना है कि वे अपने मूल दायित्व यानी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए नियुक्त हैं। लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से विद्यालयों में अध्यापन कार्य भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

 

RTE Act की धारा 27 में क्या है प्रावधान?

 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 27 में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने पर प्रतिबंध का प्रावधान है। हालांकि इसमें तीन अपवाद निर्धारित हैं—दशकीय जनगणना, आपदा राहत कार्य तथा स्थानीय निकाय, विधानसभा या संसद के चुनाव से संबंधित कार्य।

सुप्रीम कोर्ट ने Election Commission of India बनाम St. Mary’s School मामले में भी चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चुनाव संबंधी कार्यों में भी शिक्षकों की नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

 

वहीं, न्यायिक फैसलों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धारा 27 में दिए गए अपवादों के बाहर सामान्य गैर-शैक्षणिक सर्वे या सत्यापन जैसे कार्यों में शिक्षकों की तैनाती कानूनी सवाल खड़े कर सकती है।

 

अब प्रशासन से जवाब की मांग

 

ऐसे में शिक्षकों की मांग है कि पहले वर्ष 2023 में कराए गए आर्थिक-सामाजिक सर्वे के लंबित मानदेय का भुगतान कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ‘सुघर छत्तीसगढ़’ सर्वे किस विभागीय आदेश और किस नियम के तहत शिक्षकों से कराया जा रहा है तथा इस कार्य के लिए निर्धारित मानदेय का क्या प्रावधान है।

शिक्षकों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि गैर-शैक्षणिक कार्य में ड्यूटी लगाने से पहले RTE Act की धारा 27 तथा शासन के संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

अब सवाल यह है कि 2023 में किए गए सर्वे का मानदेय शिक्षकों को कब मिलेगा? ‘सुघर छत्तीसगढ़’ सर्वे के लिए शिक्षकों की ड्यूटी किस प्रावधान के तहत लगाई गई है? और क्या इस नई जिम्मेदारी के लिए शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा?

इन सवालों पर जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

नीलकंठपुर उभका बांध में दरार से दहशत, 20–25 घरों पर खतरे की आशंका

रामचंद्रपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नीलकंठपुर स्थित उभका बांध में दरार आने की सूचना से बांध के तटवर्ती एवं निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बांध की स्थिति और बिगड़ती है तो अचानक पानी का बहाव निचले क्षेत्रों में पहुंच सकता है, जिससे जन-धन के नुकसान का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार बांध के आसपास करीब 20 से 25 घर प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश के बीच बांध में आई दरार को लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

मामले को लेकर कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास के साथ कृष्णा यादव, अवधेश यादव, मनोज यादव, नागेंद्र यादव, महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहना है कि आपदा प्रबंधन की SDRF/NDRF टीमों तथा सिंचाई विभाग की तकनीकी टीम को तत्काल मौके पर भेजकर बांध का निरीक्षण कराया जाए।
ग्रामीणों ने बांध की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन स्तर पर मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कराने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध की मौजूदा स्थिति का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराकर संभावित खतरे का आकलन किया जाना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है। यदि समय रहते बांध की दरार की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो बारिश के बीच स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

नीलकंठपुर उभका बांध में दरार से दहशत, 20–25 घरों पर खतरे की आशंका

रामचंद्रपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नीलकंठपुर स्थित उभका बांध में दरार आने की सूचना से बांध के तटवर्ती एवं निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बांध की स्थिति और बिगड़ती है तो अचानक पानी का बहाव निचले क्षेत्रों में पहुंच सकता है, जिससे जन-धन के नुकसान का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार बांध के आसपास करीब 20 से 25 घर प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश के बीच बांध में आई दरार को लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

मामले को लेकर कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास के साथ कृष्णा यादव, अवधेश यादव, मनोज यादव, नागेंद्र यादव, महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहना है कि आपदा प्रबंधन की SDRF/NDRF टीमों तथा सिंचाई विभाग की तकनीकी टीम को तत्काल मौके पर भेजकर बांध का निरीक्षण कराया जाए।

ग्रामीणों ने बांध की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन स्तर पर मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कराने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बांध की मौजूदा स्थिति का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराकर संभावित खतरे का आकलन किया जाना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है। यदि समय रहते बांध की दरार की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो बारिश के बीच स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।