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May 2025

वन मंडलाधिकारी पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाया गंभीर आरोप।

मामला गोंडवाना फॉसिल पार्क में अनाधिकृत निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के एमसीबी जिलाध्यक्ष ने वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि “बजट खर्च करने के उद्देश्य से समुद्री जीवाश्म जैसे दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व के संरचनाओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।”

 

जिलाध्यक्ष ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा बिना किसी वैज्ञानिक सलाह और वैधानिक अनुमति के फॉसिल पार्क में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन कार्यों से न केवल पार्क की ऐतिहासिकता को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह अत्यंत आपत्तिजनक है।

अपने पत्र में उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक राज्यस्तरीय समिति गठित की जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या जांच के आदेश दिए जाते हैं।

 

राजस्व एवं वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की गई बड़ी कार्यवाही।

बलरामपुर  कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में जिले में लगातार अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बलरामपुर श्री आनन्द राम नेताम के मार्गदर्शन में राजस्व, वन तथ पुलिस विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा नगरपालिका परिषद् बलरामपुर के वार्ड क्रमांक 03, खुठनपारा जिला ग्रंथालय के पीछे वन विभाग की शासकीय भूमि तथा तहसील डौरा-कोचली ग्राम कोचली (लालमाटी) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। नगरपालिका परिषद् बलरामपुर वार्ड क्रमांक 03 में लगभग 1.5 एकड़ शासकीय भूमि पर लोगों द्वारा घर बनाकर अतिक्रमण किया गया था।

प्रशासन द्वारा उन्हें उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु नोटिस भी जारी किया गया था। परंतु अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाने पर बलरामपुर एसडीएम श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग के द्वारा जमीन पर बनाए गए 22 घरोें को तोड़ कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसी प्रकार खुठनपारा जिला ग्रंथालय के पीछे भी वन विभाग की शासकीय जमीन को लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। जिसे बलरामपुर वन परिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में 10 मकानों को तोड़ कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। तहसील डौरा-कोचली में भी एसडीएम बलरामपुर श्री नेताम के मार्गदर्शन एवं तहसीलदार रॉकी एक्का के नेतृत्व राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा ग्राम कोचली (लालमाटी) में स्थित शासकीय भूमि तथा ग्राम डूमरखोला में भी शासकीय भूमि कुल 5 व्यक्तियों 0.06 हेक्टेयर द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जिसे अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।

गांव में होने वाले प्रत्येक विवाह कराना होगा पंजीबद्ध।

बलरामपुर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश जारी किया गया है।

राज्य शासन द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधान अनुसार बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की संख्या में वृद्धि कर जिला स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त कर बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र जारी किया जाना है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम हेतु बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को अवगत कराया है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नही अपितु कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक कि विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इसके अतिरिक्त यदि वर या कन्या बाल विवाह पश्चात विवाह को स्वीकार नहीं करते है तो बालिग होने के पश्चात विवाह को शून्य घोषित करने हेतु आवेदन कर सकते हैं। बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। समाज में व्याप्त इस बुराई के पूर्णतः उन्मूलन हेतु जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकाय/पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, महिला स्व सहायता समूहों, किशोर एवं किशोरी बालिकाओं तथा आमजनों से सहयोग प्राप्त कर इस प्रथा के उन्मूलन हेतु परिणाम मूलक कार्यवाही की जानी है।

ग्राम पंचायत सचिव सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी संधारित की जानी है, जिससे ग्राम पंचायत क्षेत्र में आयोजित होने वाले समस्त विवाहों को विवाह पूर्व पंजीबद्ध किया जावे। इस पंजी के संधारण से ग्राम पंचायतों में होने वाले समस्त विवाहों का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे बाल विवाह की जानकारी समय पूर्व प्राप्त हो सकेगी। पंजी के द्वारा प्रत्येक विवाह में वर-वधु की उम्र की का सत्यापन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाना है। प्रत्येक विवाह का पंजीयन अनिवार्य कराना चाहिए। इस संबंध में ग्राम पंचायत/नगरीय निकाय व राजस्व विभाग के समन्वय से शत प्रतिशत विवाह पंजीयन हेतु कार्यवाही की जावेगी। ग्राम पंचायत के कोटवार द्वारा बाल विवाह नही करने, बाल विवाह के कानूनन अपराध होने के संबंध में मुनादी कराई जाए, जिससे सभी ग्रामीण जनों को पता चले कि बाल विवाह करना अपराध है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र का प्रभावी होना अत्यंत आवश्यक है। जिले में कहीं पर भी बाल विवाह तय होने की सूचना मिलते ही प्रशासन को संबंधित परिवार को समझाइश देकर बाल विवाह रोकना है। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 व पुलिस हेल्पलाइन 112 में किये जाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सीईओ श्रीमती तोमर ने समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को उक्त सुझावों को अमल में लाते हुए बाल विवाह रोकथाम के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

रामानुजगंज में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन का चला बुलडोजर,नगर में दहशत का माहौल।

रामानुजगंज नगर में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पालिका के अन्य कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।

प्रशासन को लंबे समय से नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। आम नागरिकों की आवाजाही में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और पहले अतिक्रमणकारियों को सूचना देकर हटाने की चेतावनी दी गई थी। निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर गुरुवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर के माध्यम से कब्जे हटवाए।कार्रवाई के दौरान कई दुकानों के आगे बढ़ाए गए टीन शेड, चबूतरे, ठेले एवं अन्य अस्थाई निर्माणों को हटाया गया। इससे नगर में हड़कंप मच गया और कुछ स्थानों पर अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस बल की सख्ती के चलते स्थिति नियंत्रित रही।

जानकारी के अनुसार एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी को भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से नगरवासियों में मिला-जुला असर देखा गया है—जहां एक ओर आम जनता ने राहत की सांस ली, वहीं अतिक्रमण करने वालों में नाराजगी देखी गई।