छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत लाखझर गांव से मानवता को झकझोर देने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है।
नाबालिग बच्चे को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे घंटों तक उसी हालत में पेड़ से बंधा छोड़ दिया गया। घटना की क्रूरता यहीं नहीं रुकी—करमु राम ने इस अमानवीय कृत्य की तस्वीरें पंचायत विकास समिति नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी साझा कीं, मानो यह कोई उपलब्धि हो।
सूत्रों की माने तो गांव के एक दबंग किसान करमु राम ने एक नाबालिग बालक को बिना किसी ठोस सबूत या कानूनी प्रक्रिया के अपने खेत में पुआल जलाने और नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए दिनदहाड़े पेड़ से बांध दिया और डंडों से बेरहमी से पीटा।
घटना की जानकारी मिलते ही बच्चे के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उसे मुक्त कराया। स्थिति को और न बिगड़ने देने के लिए उन्होंने करमु राम से नुकसान की भरपाई का वादा किया। बाद में घायल बालक को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि किस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग कानून को हाथ में लेकर न्याय करने की कोशिश करते हैं। कानून के रखवालों और समाज दोनों के लिए यह चेतावनी है कि मासूमों को इस तरह की हिंसा से बचाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। दोष सिद्ध होने से पहले किसी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार न्याय की नहीं, क्रूरता की मिसाल है।

