Sat. Mar 7th, 2026

रामानुजगंज में मनाया गया यादे हुसैन ताजिया आलम के साथ जुलूस में धुम।

रामानुजगंज, — नगर में मोहर्रम के पावन अवसर पर यौमे आशूरा के दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष फरीद खान उपाध्यक्ष ताजुद्दीन खान खजांची शाने राजा सिक्रिटी तेज अंसारी एवं समस्त सदस्य रामानुजगंज के तत्वावधान में ताजिया एवं सीपर आलम के साथ एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। पूरे जुलूस मार्ग पर शांति, अनुशासन और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

जुलूस के दौरान ताजिया और आलम को पूरे सम्मान के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी मैदान पहुंचा। इस धार्मिक कार्यक्रम में युवाओं के साथ बुजुर्गों और बच्चों की भी भागीदारी रही। मातम, नौहा और सीनाजनी करते हुए लोगों ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिससे आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

वहीं दूसरी ओर, नमाज-ए-जुहर के बाद अंजुमन कमेटी रामानुजगंज द्वारा जामा मस्जिद में एक विशेष दिनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई, जिसके पश्चात मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना तौहिद रजा साहब ने यौमे आशूरा और मुहर्रम उल हराम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मौलाना तौहीद रजा ने अपने बयान में कहा कि मुहर्रम का महीना इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है और यह शहादत, सब्र और कुर्बानी का प्रतीक है। उन्होंने मैदाने कर्बला की शरीयत के मुताबिक घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह इमामे हुसैन और उनके परिवार ने अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान की कुर्बानी दी। उनके कुर्बानी से हमें इंसाफ, हिम्मत और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर अमन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। संपूर्ण कार्यक्रम शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

Related Post