बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही, धीमी प्रगति और घटिया निर्माण गुणवत्ता को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 21 ठेकेदारों के कुल 62 कार्यों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जिनकी अनुमानित लागत करीब 137 करोड़ रुपये है।
कार्यपालन अभियंता पंकज जैन ने बताया कि कई ठेकेदारों ने कार्य प्रारंभ ही नहीं किए या अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई। वहीं कई स्थानों पर पानी टंकी और जलापूर्ति से जुड़े निर्माण कार्य भी अधूरे थे। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते विभाग ने यह कार्रवाई की है।
साथ ही, विभाग ने ठेकेदारों की लगभग 10 करोड़ रुपये की अमानत राशि राजसात करने और उन्हें आगामी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों की धीमी गति और खराब गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई को विभाग की ‘शून्य सहिष्णुता नीति’ की शुरुआत माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से भविष्य में ठेकेदारों की लापरवाही पर अंकुश लगेगा और कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
जिन ठेकेदारों के कार्य निरस्त किए गए हैं, उनमें संजीव गुप्ता, घनश्याम दास अग्रवाल, अभिषेक चौबे, विजय कुमार, ओम श्री इंटरप्राइजेज, जी.पी. बिल्डकॉन, रवि रंजन कुमार राजा, कुलदीप कुमार गुप्ता, बालाजी कंस्ट्रक्शन, सज्जन कुमार अग्रवाल, साक्षी कंस्ट्रक्शन, आस्था कंस्ट्रक्शन, मां कामख्या ट्रेडर्स, सरगुजा ब्रिक्स, विकास इंजीनियरिंग, कृपाल कुशवाहा, उर्मिला कंस्ट्रक्शन, शिवेंद्र कंस्ट्रक्शन, कौशल कुमार, राज कंस्ट्रक्शन और उमा कंस्ट्रक्शन शामिल हैं।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग की इस कठोर कार्रवाई से ठेकेदारों के कामकाज पर कितना असर पड़ता है और क्या यह कदम जल जीवन मिशन की गति और गुणवत्ता को सुधारने में सहायक साबित होता है।

