बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में युक्तियुक्तकरण 2025 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने एक और सहायक शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई निर्धारित पदस्थापना के बावजूद नवीन शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के कारण की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युक्तियुक्तकरण 2025 के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों के चिन्हांकन एवं पदस्थापना हेतु 04 जून 2025 को जिला स्तरीय ओपन काउंसलिंग आयोजित की गई थी। इस काउंसलिंग में शासकीय प्राथमिक शाला अमदरी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुखदेव राम बेक उपस्थित हुए थे। काउंसलिंग के दौरान शाला चयन सहमति पत्र के आधार पर उनकी सहमति से पदस्थापना आदेश शासकीय प्राथमिक शाला औराझरिया, विकासखंड रामचंद्रपुर में जारी किया गया था।
हालांकि, सहमति पदस्थापना आदेश जारी होने के बावजूद सहायक शिक्षक सुखदेव राम बेक ने निर्धारित समयावधि के भीतर तथा आज दिनांक तक अपनी नवीन पदस्थापित शाला शासकीय प्राथमिक शाला औराझरिया में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उनके इस कृत्य के कारण विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ शाला संचालन में भी गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, सुखदेव राम बेक द्वारा अपने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बरती गई है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत है और इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1)(क) के तहत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुखदेव राम बेक को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कुसमी नियत किया गया है तथा इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।

