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करोड़ों के घोटाले जल संसाधन विभा में, उठते सवाल पूछते लोग आरोपी को उसी कार्यालय में वापसी।

बलरामपुर जिले में जल संसाधन विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2023 में करीब 2 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपी सुजीत गुप्ता को विभाग द्वारा प्रमोशन देकर रामानुज गंज उप अभियंता पद पर पदस्थ कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद जिलेभर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और आमजन के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों में भी असंतोष देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार संबंधित आरोपी सुजीत गुप्ता पर डीके सोनी द्वारा थाना रामानुजगंज में लिखित शिकायत की गई थी जिसके आधार पर पुलिस थाना रामानुजगंज के द्वारा 420 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था उक्त विभाग द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के दुरुपयोग के अधिरूपित करते हुए राशि भुगतान के आदेश भी दिए गए थे । मामले की जांच और कार्रवाई की अपेक्षा के बीच अब उसी आरोपी सुजीत गुप्ता को उसी कार्यालय में वापसी किया जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोपी सुजीत गुप्ता पर लगे आरोप सही थे तो उसे पदोन्नति कैसे दी गई, और यदि आरोप गलत थे तो अब तक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या विभाग में ईमानदार और योग्य अधिकारियों की कमी है, या फिर कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसे फैसले लिए गए हैं। कर्मचारियों के एक वर्ग का आरोप है कि इस तरह के निर्णय से न सिर्फ विभाग की छवि धूमिल होती है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल भी टूटता है। वहीं, जानकारों का मानना है कि जिस व्यक्ति पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप रहा हो, उसे जिम्मेदार पद सौंपना भविष्य में फिर से अनियमितताओं की आशंका को बढ़ा सकता है। मामले को लेकर अब प्रशासन और शासन स्तर पर भी जवाबदेही की मांग उठने लगी है। आमजन की अपेक्षा है कि इस प्रमोशन के पीछे की सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन-प्रशासन पर लोगों का विश्वास बना रह सके।

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