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January 2026

शिक्षक पात्रता परीक्षा 3 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल।

बलरामपुर, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा 01 फरवरी 2026 को शिक्षक पात्रता 2026 परीक्षा आयोजित की गई है। जिसके लिए प्रथम पाली में 366 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। जहां प्रातः 9ः30 बजे से 12ः15 बजे तक तथा द्वितीय पाली में 656 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है, जिसके लिए दोपहर 3ः00 बजे से 5ः45 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी। प्रथम पाली में 1 लाख 18 हजार 642 अभ्यर्थी तथा द्वितीय पाली में 2 लाख 4 हजार 541 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा 20 जिलों (अंबिकापुर, बैकुण्ठपुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगीर, जशपुर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बालोद, कोण्डागांव, सूरजपुर) में आयोजित की जा रही है। जिसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे।
अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पहुंचना होगा अनिवार्य*
व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर (व्यापम) द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शिता पूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। अभ्यर्थी परीक्षा से पूर्व इन दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें और निर्धारित समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों व समुचित पहनावे के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचें। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने के कम से कम 02 घण्टे पहले परीक्षा केन्द्र में पहुंचने के निर्देश दिए गए है। ताकि प्रवेश के पूर्व सभी अभ्यर्थियों का अनिवार्य रूप से फ्रिस्किंग समय पर किया जा सके। परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग एक्शन में: शिकायत के आधार पर तत्काल हटाए गए राजेश मिश्रा।

रामानुजगंज। शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वाड्रफनगर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखापाल राजेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी एम. आर. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 27 जनवरी को शिकायतकर्ता शिवा यादव, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) द्वारा लेखापाल के कार्य कर रहे राजेश मिश्रा के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिवीक्षा अवधि समाप्ति का प्रस्ताव भेजने के एवज में लेखापाल द्वारा अवैध रूप से धनराशि (रिश्वत) की मांग की गई। उक्त शिकायत कलेक्टर महोदय, बलरामपुर-रामानुजगंज के समक्ष जनदर्शन में प्राप्त हुई थी, जिसे अग्रेषित कर जिला शिक्षा विभाग कार्यालय भेजा गया। प्राप्त शिकायत के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं आचरण के प्रतिकूल पाया गया, जिसे गंभीर अनुशासनात्मक विषय मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।

प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति में श्रीमती आशारानी टोप्पो, सहायक संचालक योजना (कार्यालयीन), विजय कुशवाहा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामचन्द्रपुर तथा फुलमनी एक्का, प्राचार्य शासकीय माध्यमिक विद्यालय जामवन्तपुर को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह संबंधित पक्षों के कथन, उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर 15 दिवस के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। जांच अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रभाव या हस्तक्षेप की संभावना को देखते हुए लेखापाल के कार्य कर रहे राजेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तातापानी, विकासखंड बलरामपुर में आगामी आदेश तक संलग्न किया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह संलग्नीकरण दंडात्मक नहीं, बल्कि प्रशासनिक एवं जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

झोला छाप डॉक्टरों एवं झाड़-फूंक करने वालों के अब खैर नहीं

बलरामपुर-रामानुजगंज जिला कलेक्टर राजेन्द्र कटारा की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर तथा वनमण्डलाधिकारी आलोक बाजपेयी की उपस्थिति में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिले में नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रोक लगाने तथा संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर कटारा ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निरंतर एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कोटपा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुुए स्कूलों एवं कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों जैसे आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं छात्रावासों के आसपास संचालित दुकानों का नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को प्रतिबंधित दवाओं, एक्सपायर दवाओं तथा संचालित क्लीनिकों के लाइसेंस की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध या अनुचित दवाओं की बिक्री न हो साथ ही अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई करने तथा झोला छाप डॉक्टरों एवं झाड़-फूंक करने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित चेकपोस्टों पर वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए, जिससे मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने नशामुक्ति को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा समन्वय के साथ विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, श्री चेतन बोरघरिया सहित सदस्यगण उपस्थित थे।

जल संरक्षण हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

बलरामपुर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकासखण्ड कुसमी के ग्राम पकरीटोली में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया।

इस दौरान जनपद अध्यक्ष श्रीमती बसंती भगत उपाध्यक्ष श्री अशोक सोनी सहित सदस्य एवं जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में आम नागरिक की सहभागिता रही। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपखण्ड कुसमी के सहायक अभियंता श्री प्रदीप कुमार केरकेट्टा द्वारा ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने जल को जीवन का आधार बताते हुए सामूहिक जल अर्पण एवं संकल्प के साथ किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल का संरक्षण केवल शासन प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। जल की महत्व एवं उसकी आवश्यकता को विस्तार पूर्वक बताया गया तथा सभी उपस्थित जनों से अपने दैनिक जीवन में जल बचाने का संकल्प दिलाया गया। गौरतलब है कि कार्यपालन अभियंता श्री पंकज जैन के मार्गदर्शन में ग्राम पकरीटोली में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया।

आकांक्षा टोप्पो के समर्थन में युवक की न्याय पदयात्रा,किसानों व आम जनता से मिला समर्थन आगे की रणनीति पर मंथन।

बलरामपुर। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो द्वारा किसानों और समाज से जुड़े मुद्दों को उठाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में बलरामपुर जिले से एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया है, जहां एक युवक आकांक्षा टोप्पो के समर्थन में पैदल न्याय पदयात्रा पर निकला।

बलरामपुर जिले के युवक अमानत भगत सिंह द्वारा निकाली गई यह पदयात्रा अब तक बलरामपुर से सरगुजा जिले तक पूरी हो चुकी है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों, किसानों और युवाओं से संवाद किया तथा सामाजिक मुद्दों को लेकर जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

अमानत भगत सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि किसानों, जल-जंगल-जमीन, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध, हत्या और आदिवासी समाज से जुड़े मूल सवालों को लेकर निकाली जा रही है। उनका कहना है कि जब कोई आम नागरिक या युवा इन मुद्दों को उठाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

यात्रा के दौरान अमानत भगत सिंह ग्रामीण इलाकों में किसानों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े संकट, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार, रोजगार की कमी और कानून-व्यवस्था की स्थिति जैसे विषय लंबे समय से उपेक्षित हैं, जिन पर अब खुलकर चर्चा और कार्रवाई की आवश्यकता है।

अमानत भगत सिंह के अनुसार, सरगुजा तक की न्याय पदयात्रा पूर्ण हो चुकी है, जबकि सरगुजा से बिलासपुर हाईकोर्ट तक की यात्रा को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आगे की यात्रा के दौरान सरगुजा संभाग की मूल समस्याओं को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर ठोस पहल करती है तो यह यात्रा अपने उद्देश्य को सार्थक मानेगी, अन्यथा आगे की रणनीति जनसमर्थन के साथ तय की जाएगी।

फिलहाल यह न्याय पदयात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे किसानों व आम जनता से मिल रहा समर्थन प्रशासन और शासन के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

रामानुजगंज आखिर कब तक मिलेगी आवारा पशुओं से निजात।

रामानुजगंज नगर में आवारा पशुओं की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। नगर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशी और कुत्ते आम नागरिकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन चुके हैं। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

नगर के मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। सुबह से लेकर देर रात तक सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन दोपहिया वाहन सवार इनके कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे कई लोग घायल भी हो चुके हैं। खासकर रात के समय यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है। वहीं, आवारा कुत्तों का आतंक भी लोगों में भय का कारण बना हुआ है। अब तक कई नागरिक, महिलाएं और बच्चे कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। मोहल्लों में बच्चे बाहर खेलने से डरने लगे हैं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

नगरवासियों का कहना है कि नगर पालिका केवल आश्वासन तक सीमित रह गई है। न तो पशु पकड़ने की ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल। लोगों ने कहा कि प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि नगर वासियों को आवारा पशुओं से मुक्ति मिल सके और आमजन सुरक्षित रूप से सड़क पर आवागमन कर सकें।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामानुजगंज के नागरिकों को इस समस्या से निजात कब मिलेगी।

डीईओ ने बैठक में परीक्षा सहित अन्य कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों की दिए दिशा-निर्देश।

बलरामपुर–रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी एम. आर. यादव के निर्देशानुसार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलरामपुर के सभागार में विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों तथा शैक्षिक समन्वयकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा तथा विभिन्न प्रशासनिक एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश देना रहा। बैठक में सर्वप्रथम त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने प्रत्येक संस्था के परीक्षा परिणामों के आधार पर शैक्षणिक गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली। समस्त प्राचार्यों ने अवगत कराया कि पाठ्यक्रम समय से पूर्व पूर्ण करा लिया गया है। “मिशन-40 दिन” कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन रिवीजन, मॉडल प्रश्नपत्र अभ्यास एवं अन्य सहायक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डीईओ ने बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में उल्लास मेला की पूर्व तैयारियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। समस्त ग्राम प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे डोर-टू-डोर सर्वे कर 25 जनवरी 2026 तक सभी साक्षरों का चिन्हांकन पूर्ण करें तथा 26 जनवरी 2026 को ग्राम स्तर पर आयोजित उल्लास मेला में इसकी घोषणा सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त बीएसके (BSK) एप में सभी शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने तथा प्रतिदिन चेक-इन एवं चेक-आउट के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। छात्रवृत्ति संबंधी समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण कराने एवं लंबित ई-केवाईसी के निराकरण हेतु खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। आपार आईडी जनरेशन में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु तहसीलदार बलरामपुर सुनील कुमार गुप्ता द्वारा जन्म प्रमाण पत्र बनाने की समस्त प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। सभी शैक्षिक समन्वयकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने संकुलों में पात्र छात्र-छात्राओं के जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन संकुल स्तर पर ही पूर्ण कराएं, ताकि एक ही दिन में पालकों को बुलाकर प्रमाण पत्र जारी किया जा सके और आधार सुधार के बाद अधिक से अधिक विद्यार्थियों की आपार आईडी जनरेट हो सके।

इसके साथ ही परीक्षा पूर्व सभी विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था दुरुस्त करने, अनावश्यक व टूटे-फूटे फर्नीचर तथा सामग्री का निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। सरगुजा ओलंपिक के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं का पंजीयन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) हीरालाल पटवा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर संजु कनौजियां, विकासखंड स्रोत समन्वयक (साक्षरता) अनिल तिवारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक बलरामपुर सुरेश सिंह सहित विकासखंड के सभी प्राचार्य, शैक्षिक समन्वयक एवं ग्राम प्रभारी उपस्थित रहे।

शालेय शिक्षक संघ की बड़ी जीत, धरने से पहले ही मानी गईं मांगें।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रखंड रामचंद्रपुर में शालेय शिक्षक संघ के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से ठीक पहले ही शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। एरियर्स राशि के भुगतान का आदेश जारी हुआ, वहीं वर्षों से कार्यालय विकासखंड रामचंद्रपुर में संलग्न लेखापाल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया। इस निर्णय से शिक्षकों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इसे संघ की बड़ी जीत बताया। धरना स्थल पर एकत्रित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विक्ट्री साइन के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्सवपूर्ण नजर आया। प्रदर्शन से पूर्व एमएस मचवादमर में पदस्थ शिक्षिका बीना मंडावी ने आरोप लगाते हुए बताया कि संलग्न लेखापाल द्वारा उन्हें एक विशेष बैंक में खाता खुलवाने का दबाव बनाया जा रहा था और ऐसा न करने पर वेतन रोकने की धमकी दी जाती थी। साथ ही उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश किया जा रहा था।

इस गंभीर मुद्दे को छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे ने संज्ञान में लेते हुए मजबूती से शिक्षिका का साथ दिया। महिला कार्यकारिणी ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती सिम्मी गुप्ता एवं कार्यकारी महिला ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती विभा कश्यप ने भी विभाग के समक्ष शिक्षकों की समस्याएं स्पष्ट रूप से रखीं और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों की एकजुटता और दबाव का ही परिणाम रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्यालय से संलग्नीकरण समाप्त कर लेखापाल सूर्य प्रताप कुशवाहा को एकतरफा रिलीव कर दिया। इस निर्णय की सूचना मिलते ही धरना स्थल पर पहुंच रही भीड़ में खुशी की लहर दौड़ गई। आज के कार्यक्रम में विकासखंड की लगभग सभी शालाओं से शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप सहित बड़ी संख्या में संघ पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। शिक्षकों ने इसे संगठन की एकजुटता और संघर्ष की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

सरगुजा ओलंपिक का आयोजन युवाओं और महिलाओं को मिलेगा खेल मंच।

बलरामपुर खेल प्रतिभा को पहचान कर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में कुल 12 खेलों के खेल प्रतियोगिताएं विकासखंड जिला एवं संभाग स्तर पर आयोजित किए जायेंगे। प्रतियोगिता में 12 खेलों में एथलेटिक्स 100, 200, 400 मीटर लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, रिले रेस, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो खो, वॉलीबॉल, बास्केटबाल, रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए, जिला स्तर पर हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिता की जानी है। ओलंपिक खेल आयु वर्ग अनुसार दो वर्गों में आयोजन किया जाएगा जिसमें जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष एवं सीनियर वर्ग में 17 से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। खेल में शामिल होने वाले प्रतिभागी 25 जनवरी तक https://rymc.cg.gov.in/sargujaolympicw@wz  दिए गए लिंक में आवेदन कर सकते हैं।

एरियर्स सहित अन्य मांगों को लेकर शालेय शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर का शिक्षा विभाग इन दिनों शिक्षकों के असंतोष को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। शालेय शिक्षक संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एरियर्स सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 21 जनवरी 2026 को बीईओ कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षक संघ का कहना है कि पिछले दो वर्षों से अधिक समय से पदोन्नत प्रधान पाठक, एलबी संवर्ग के शिक्षक तथा नवीन नियुक्त सहायक शिक्षकों का एरियर्स भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उन्हें उनके देय राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। संघ ने कहा कि आर्थिक संकट के कारण कई शिक्षक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कार्यालय में संलग्न बाबू को लेकर भी शिक्षकों में भारी रोष है। संघ का आरोप है कि राज्य स्तर से उक्त बाबू को हटाने के आदेश जारी होने के बावजूद वह अब भी कार्यालय में कार्यरत है और अधिकांश समस्याओं की जड़ वही है। संघ का मानना है कि एरियर्स भुगतान सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जानबूझकर देरी की जा रही है। शिक्षक संघ ने पूर्व में दिए गए ज्ञापनों का हवाला देते हुए कहा कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बीईओ कार्यालय का घेराव एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से प्रदीप चौबे, राज वैभव सिंह, संजय यादव, नंद गुप्ता, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप, नीमा गुप्ता, ममता ठाकुर, माइकेला लकड़ा, साधना एक्का, ममता मिंज, माधुरी साहू, कमल नयनी, सोनिया ओयमा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।