रामानुजगंज। शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वाड्रफनगर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लेखापाल राजेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी एम. आर. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 27 जनवरी को शिकायतकर्ता शिवा यादव, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) द्वारा लेखापाल के कार्य कर रहे राजेश मिश्रा के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिवीक्षा अवधि समाप्ति का प्रस्ताव भेजने के एवज में लेखापाल द्वारा अवैध रूप से धनराशि (रिश्वत) की मांग की गई। उक्त शिकायत कलेक्टर महोदय, बलरामपुर-रामानुजगंज के समक्ष जनदर्शन में प्राप्त हुई थी, जिसे अग्रेषित कर जिला शिक्षा विभाग कार्यालय भेजा गया। प्राप्त शिकायत के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं आचरण के प्रतिकूल पाया गया, जिसे गंभीर अनुशासनात्मक विषय मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति में श्रीमती आशारानी टोप्पो, सहायक संचालक योजना (कार्यालयीन), विजय कुशवाहा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामचन्द्रपुर तथा फुलमनी एक्का, प्राचार्य शासकीय माध्यमिक विद्यालय जामवन्तपुर को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह संबंधित पक्षों के कथन, उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर 15 दिवस के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। जांच अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रभाव या हस्तक्षेप की संभावना को देखते हुए लेखापाल के कार्य कर रहे राजेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तातापानी, विकासखंड बलरामपुर में आगामी आदेश तक संलग्न किया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह संलग्नीकरण दंडात्मक नहीं, बल्कि प्रशासनिक एवं जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

