बलरामपुर रामानुजगंज जिले में 37 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन कार्यक्रम साप्ताहिक बाज़ार स्थित ऑडिटोरियम हॉल के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। जिसमें कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ यातायात प्रभारी विमलेश कुमार देवांगन द्वारा माह भर आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा के प्रस्तुतीकरण के साथ किया गया। समापन समारोह में पुलिस विभाग द्वारा समस्त अनुभाग मुख्यालयों में आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। इसमें यातायात जागरूकता थीम (हेलमेट/सीटबेल्ट/शराब सेवन निषेध), रील्स मेकिंग कॉम्पिटिशन, नो हेलमेट-नो पेट्रोल अभियान और सड़क सुरक्षा मितानों का सम्मान रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि यह जीवन भर अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण आदत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय अनिवार्य है। कलेक्टर ने विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि बलरामपुर को दुर्घटना मुक्त ज़िला बनाया जा सके। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि सड़क दुर्घटना होने पर जो पहला घंटा होता है, उसे ’गोल्डन आवर’ कहा जाता है। यदि समय रहते घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। ऐसे मददगार व्यक्तियों को पुलिस ‘‘गुड समेरिटन’’ कहती है।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समापन कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आयोजित ‘‘रील्स बनाओ प्रतियोगिता’’ में प्रथम स्थान बड़कीमहरी के शुभम दास एवं टीम, द्वितीय स्थान देवराज सिंह एवं टीम तथा तीसरा स्थान छोटू छलिया एवं टीम को प्राप्त हुआ। अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया एवं उनके द्वारा बनाई गई रील्स का प्रदर्शन कर सराहना की गई। कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में अतिथियों द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं, नागरिकों एवं पत्रकारों से हेलमेट व सीटबेल्ट का प्रयोग करने, वाहन संबंधी दस्तावेज साथ रखने तथा नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की समझाइश दी गई। कार्यक्रम का समापन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।