बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महावीरगंज में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें महुआ चुनने गई एक बालिका की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महावीरगंज की एक बालिका सुबह जंगल किनारे महुआ चुनने गई थी। इसी दौरान वहां विचरण कर रहे जंगली हाथियों के झुंड से उसका सामना हो गया। अचानक हुए हमले में बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक बालिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता एवं नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज भेज दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार घूम रहे हाथियों पर निगरानी बढ़ाने तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार गांवों और जंगल किनारे के इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों का खेतों, जंगलों और दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे ज्यादा भयभीत हैं। महुआ सीजन के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल की ओर जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
महुआ चुनने गई बालिका की हाथियों के हमले में मौत।

