रामचंद्रपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नीलकंठपुर स्थित उभका बांध में दरार आने की सूचना से बांध के तटवर्ती एवं निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बांध की स्थिति और बिगड़ती है तो अचानक पानी का बहाव निचले क्षेत्रों में पहुंच सकता है, जिससे जन-धन के नुकसान का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार बांध के आसपास करीब 20 से 25 घर प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश के बीच बांध में आई दरार को लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि समय रहते यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
मामले को लेकर कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास के साथ कृष्णा यादव, अवधेश यादव, मनोज यादव, नागेंद्र यादव, महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहना है कि आपदा प्रबंधन की SDRF/NDRF टीमों तथा सिंचाई विभाग की तकनीकी टीम को तत्काल मौके पर भेजकर बांध का निरीक्षण कराया जाए।
ग्रामीणों ने बांध की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन स्तर पर मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कराने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध की मौजूदा स्थिति का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराकर संभावित खतरे का आकलन किया जाना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है। यदि समय रहते बांध की दरार की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो बारिश के बीच स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

