वहीं चाकी गांव में घटना और भी दर्दनाक रही। यहां एक महिला रात के समय घर के बाहर सो रही थी, तभी अचानक एक हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसी गांव के एक अन्य किसान टिभाली सिंह भी हमले का शिकार हो गए, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। प्रभारी रेंजर निखिल सक्सेना द्वारा बताया गया कि। घायल किसान को तत्काल जिला चिकित्सालय बलरामपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित परिवारों को ₹25,000 की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है। बावजूद इसके ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे हाथी हमलों से लोग भयभीत हैं और रात में सोने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि जान-माल की रक्षा हो सके और इस भयावह स्थिति से राहत मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है, जिसमें त्वरित और प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।

