बलरामपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से अधिकतम 1,08,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर 30,000 रुपये केंद्र से व 15,000 रुपये राज्य से, कुल 45,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। उपभोक्ता को लगभग 15,000 रुपये स्वयं वहन करने होते हैं।
इसी प्रकार 2 किलोवाट प्लांट के लिए प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन संभव है, जिस पर 90,000 रुपये तक कुल सब्सिडी (60,000 केंद्र $ 30,000 रुपये राज्य) मिलती है। उपभोक्ता को केवल 30,000 रुपये खर्च करना होता है। 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह औसतन 360 यूनिट उत्पादन संभव है और इसमें 78,000 रुपये केंद्र $ 30,000 रुपये राज्य यानी कुल 1,08,000 रुपये की सहायता मिलती है। उपभोक्ता को 72,000 रुपये वहन करना पड़ता है, जो ऋण पर भी उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि 2 किलोवॉट या अधिक क्षमता वाले प्लांट लगाने वाले उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन 25 साल तक कर सकते हैं, जो हॉफ बिजली योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट रियायत) से भी ज्यादा है। ऐसे उपभोक्ता अपने घर में सौर ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत का उपयोग कर न सिर्फ बिजली खर्च से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर आय भी अर्जित कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली, स्थायी बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करेगी।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के ठोस कदम।

