वहीं, सिरसी ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना और नामांतरण से जुड़े भ्रष्टाचार की खबरें भी अखबार में छपीं। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने रोजगार सहायक नईम अंसारी को बर्खास्त किया, जबकि कई अन्य मामलों की जांच लंबित है। इन दोनों खबरों से प्रभावित स्थानीय दलाल और अधिकारी गुट कथित तौर पर नाराज हो गए और हत्या की साजिश तक रच डाली।

ग्राम हरिपुर में आयोजित एक पंचायत में आरोपी संजय गुप्ता ने कथित रूप से स्वीकार किया कि संपादक को हटाने के लिए सुपारी दी गई थी। उसने पंचायत के सामने माफी भी मांगी, जबकि हरिओम गुप्ता ने आरोप स्वीकारने से इनकार किया और विवाद को पंचायत से बाहर सुलझाने की बात कही। जहां सिंधु स्वाभिमान समाचार-पत्र के संपादक प्रशांत पांडे ने सबूतों के साथ आईजी सरगुजा रेंज को आवेदन सौंपकर पुलिस सुरक्षा और आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। जिस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करने की बात कही है।

