बलरामपुर रामानुजगंज जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने शासकीय प्राथमिक शाला कन्या आश्रम, पशुपतिपुर (विकासखंड वाड्रफनगर) की प्रधान पाठक श्रीमती सुमित्रा सिंह को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती सिंह के विरुद्ध कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना तथा अशोभनीय आचरण की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह सिद्ध हुआ कि उनका व्यवहार संस्था में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के प्रति अनुचित और अमर्यादित था। आश्रम में निवासरत बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। साथ ही, शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद श्रीमती सिंह अपने पति के साथ अधीक्षक आवास में निवास कर रही थीं, जो नियमों का उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त, निलंबन आदेश के बाद भी श्रीमती सिंह ने आश्रम के भंडार कक्ष को बंद कर अपने अधिपत्य में रखा, जिससे बच्चों के पोषण और बुनियादी सुविधाओं में बाधा उत्पन्न हुई। कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने से इंकार करने की पुष्टि भी जांच में हुई।
इन सभी कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है। अतः जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए श्रीमती सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचन्द्रपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

