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डीईओ मनीराम यादव ने एक और प्रधान पाठक को किया निलंबित।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने एक बार फिर सख्त कदम उठाते हुए शासकीय प्राथमिक शाला कन्या आश्रम, पशुपतिपुर (विकासखंड वाड्रफनगर) की प्रधान पाठक श्रीमती सुमित्रा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीईओ द्वारा की गई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती सुमित्रा सिंह के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि उनका व्यवहार संस्था में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के प्रति अनुचित था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया तथा उनके साथ अभद्र भाषा में बातचीत की। इसके अलावा, आश्रम में रह रहे बच्चों के लिए शासन द्वारा निर्धारित मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई।

जांच में यह भी सामने आया कि शासन के निर्देशों के बावजूद श्रीमती सिंह अपने पति के साथ अधीक्षक आवास में निवास कर रही थीं, जबकि ऐसा करना नियमों के विपरीत है। साथ ही, 24 सितंबर 2025 को उन्हें प्रभारमुक्त किए जाने के बाद भी उन्होंने आश्रम के भंडार कक्ष को ताला लगाकर अपने अधिपत्य में रखा, जिससे बच्चों के पोषण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में बाधा उत्पन्न हुई।

कार्यालयीन पत्र क्रमांक 12740/रामानुजगंज दिनांक 31 अक्टूबर 2025 के तहत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, परंतु उन्होंने नोटिस प्राप्त करने से इंकार कर दिया। जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि उनका यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1)(क) के तहत श्रीमती सुमित्रा सिंह को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचन्द्रपुर निर्धारित किया गया है, तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, डीईओ मनीराम यादव लगातार विभागीय अनुशासन और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठा रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने कहा कि बरसों से बिगड़े शिक्षा तंत्र को सुधारने की दिशा में डीईओ की यह कार्रवाई एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।

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