बलरामपुर जिले के भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। भंवरमाल किसान एवं निगरानी समिति के सदस्यों ने अनुविभागी अधिकारी रामानुजन द्वारा कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंपकर धान खरीदी समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि दोनों अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी केंद्र भंवरमाल में प्रत्येक सुतरी बोरी में निर्धारित मात्रा से अधिक, लगभग 41.200 से 41.300 किलोग्राम धान तौला जा रहा है। इससे किसानों को प्रति बोरी 500 से 600 ग्राम धान का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यह खुली लूट है और लंबे समय से यह अवैध प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शासन के नियमों के अनुसार धान खरीदी केंद्र में किसानों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जानी चाहिए, क्योंकि हमाली का भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। इसके बावजूद भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में किसानों से प्रति बोरी 10 रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी आपसी मिलीभगत से इस राशि को हड़प रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि धान आवक की दैनिक लिमिट कम होने के कारण किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है। कई किसान दर्जनों दिनों से धान बेचने के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए किसानों ने प्रतिदिन धान आवक की लिमिट बढ़ाकर 2000 क्विंटल किए जाने की मांग की है। इस दौरान पूर्व जिला सदस्य मुमताज अंसारी,नरेंद्र सिंह, संजय बहला, राजा बाबा, महेन्द्र सिंह, रामचंद नगेशिया, सुरेन्द्र गुप्ता, विनोद सिंह, जितेन्द्र सिंह, अशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो दिनांक 8 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में एकदिवसीय चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

