
इस संबंध में जिला कोषालय अधिकारी डी.पी. सोनी ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत मैनुअल अथवा भौतिक चालान की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और सभी चालान ऑनलाइन ही जनरेट एवं जमा होंगे। नई प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु संबंधित अधिकारियों एवं बैंक स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस प्रणाली से चालान जमा करने की प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल हो जाएगी, जिससे समय की बचत के साथ-साथ कार्य में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इस संबंध में उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2026 को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे से समस्त बैंक शाखा प्रबंधकों एवं जिले समस्त आहरण-संवितरण अधिकारियों तथा विभागों के लेखा शाखा के लिपिकों का प्रषिक्षण कार्यषाला आयोजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि ई-चालान मॉड्यूल के माध्यम से चालान ऑनलाइन जनरेट किया जाएगा। बैंक काउंटर पर चालान जमा करते समय ट्रेजरी रेफरेंस नंबर (टीआरएन) दर्ज करना अनिवार्य होगा। चालान से संबंधित डेटा स्वतः ही बैंक को ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगा, जिससे पुनः प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही, बैंक द्वारा ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल से चालान की प्रति भी प्राप्त की जा सकेगी। डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत होगी, साथ ही कर एवं शुल्क जमा करने की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। यदि ई-चालान मॉड्यूल के माध्यम से चालान ऑनलाइन जनरेट करने में किसी भी प्रकार की समस्या होती हैं तो जिला कोषालय बलरामपुर से श्री सुशील तिग्गा सहा. ग्रेड 03 मोबाइल नंबर -7067077374, श्री चन्द्रिका प्रसाद सहा. ग्रेड 03 मोबाइल नंबर -7566389143,, विरेन्द्र प्रधान सहा. ग्रेड 02 उप कोषालय कुसमी मोबाइल नंबर -7879002965, रघुनंदन प्रसाद नायक सहा. ग्रेड 03 उप कोषालय रामानुजगंज मोबाइल नंबर -9399798307, पवन कुजुर सहा. ग्रेड 03 उप कोषालय वाड्रफनगर मोबाइल नंबर -9340207185 से सम्पर्क कर निराकरण कर सकते हैं।
बलरामपुर, जिले में कर एवं शुल्क जमा करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मिली जानकारी के अनुसार अब 1 अप्रैल 2026 से ई-कोष पोर्टल के अंतर्गत ई-चालान मॉड्यूल के माध्यम से ही ओटीसी (ओवर द काउंटर) चालान जमा किए जाएंगे। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने सभी बैंक प्रबंधकों एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 1 अप्रैल 2026 से इस नई व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करें।

