बलरामपुर रामानुजगंज। किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बलरामपुर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार। रामानुजगंज विकासखंड में एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रशासन एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों का डोर-टू-डोर पंजीयन कराने के साथ उन्हें एग्रीस्टैक के महत्व की जानकारी दे रही है।
संयुक्त टीम के समन्वय से गांव-गांव पहुंच रहा अभियान
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), तहसीलदार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामानुजगंज के मार्गदर्शन में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जमीनी स्तर पर अभियान को गति दी जा रही है। अभियान में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO), पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं किसान मित्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
टीम द्वारा किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए जागरूक करने के साथ पात्र किसानों का पंजीयन कराया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कृषि संबंधी सुविधाओं से वंचित न रहे। भूमि स्वामियों को भी एग्रीस्टैक पंजीयन के महत्व की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी किसानों का पंजीयन कराया जा रहा है।
भंवरमाल समिति में किसानों को दी गई आधुनिक कृषि की जानकारी
हाल ही में भंवरमाल समिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों का कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से एग्रीस्टैक पंजीयन कराया गया। इस दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामानुजगंज द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लाभ, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग सहित आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुड़ने के साथ ही उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों में आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।
डिजिटल कृषि सेवाओं से सशक्त होंगे अन्नदाता
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र किसान का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराकर उन्हें शासन की विभिन्न डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ना है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही फसल, भूमि एवं कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि एग्रीस्टैक पंजीयन से किसानों तक शासकीय योजनाओं एवं कृषि सेवाओं की पहुंच अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी होगी। डिजिटल कृषि व्यवस्था के विस्तार से किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

