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एनएच-343 पर नाली निर्माण में नियमों की अनदेखी का आरोप

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामानुजगंज से अंबिकापुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 के किनारे चल रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण स्थल पर कथित तौर पर निर्धारित तकनीकी मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अपेक्षित प्रक्रिया अपनाने के बजाय जल्दबाजी में काम पूरा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नाली निर्माण के दौरान कंक्रीट को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक वाइब्रेटर मशीन का इस्तेमाल भी नजर नहीं आ रहा है। वहीं निर्माण के बाद क्यूरिंग की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्यूरिंग नहीं होने की स्थिति में निर्माण की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता की नियमित जांच और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी है। इसके बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया जा रहा है तो विभाग को इसकी गुणवत्ता जांच की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
नाली निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौके पर विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी कितनी नियमितता से निरीक्षण कर रहे हैं। क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच मौके पर की जा रही है? क्या निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मिश्रण अनुपात की जांच की गई है? क्या निर्माण एजेंसी को तकनीकी मानकों के पालन के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के पीछे कहीं ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है। हालांकि रिश्वत या राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग जरूर उठने लगी है।

जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाला निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ होना चाहिए, क्योंकि घटिया निर्माण से भविष्य में सड़क की संरचना और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करते हैं या नहीं।

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