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बदहाल सड़क से ग्रामीणों में आक्रोश, मरीजों से लेकर स्कूली बच्चों तक की बढ़ी मुश्किलें ,राजेन्द्र श्रीवास,

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कालिकापुर में उप-स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला तथा शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान को जोड़ने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाने की बात ग्रामीणों ने कही है।

सड़क की समस्या को लेकर राजेन्द्र श्रीवास, मंडल अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामचन्द्रपुर, सहित ग्राम पंचायत कालिकापुर के ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन सौंपकर तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसडीएम रामानुजगंज, जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा थाना प्रभारी रामचन्द्रपुर को भी भेजी गई है।

गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों को उप-स्वास्थ्य केंद्र अथवा मुख्य मार्ग तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार मरीजों को डोली या चारपाई के सहारे ले जाने की स्थिति निर्मित हो जाती है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि आपात स्थिति में समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाने से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

स्कूली बच्चों और राशन हितग्राहियों की भी बढ़ी परेशानी

इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। सड़क पर गड्ढों और कीचड़ के कारण बच्चों के फिसलने तथा चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, शासकीय उचित मूल्य दुकान तक खाद्यान्न पहुंचाने वाले वाहनों के साथ-साथ राशन लेने पहुंचने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत के पत्र और सार्वजनिक कोष को लेकर सवाल

ग्रामीणों ने 5 सितंबर 2026 को सरपंच द्वारा जारी किए गए पत्र का हवाला देते हुए बताया कि पंचायत खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कराने में असमर्थता जताई गई है। वहीं, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के कोष में उपलब्ध बताए जा रहे करीब 80 से 90 हजार रुपये के उपयोग को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों तथा सार्वजनिक कोष से संबंधित खर्चों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, कोष की राशि और उसके उपयोग से संबंधित आरोपों की वास्तविकता संबंधित अभिलेखों एवं जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सात दिन में सड़क सुधार नहीं तो आंदोलन

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही सात दिनों के भीतर गिट्टी-मुरम डालकर मार्ग को कम से कम आपातकालीन आवागमन के योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों ने सड़क के स्थायी एवं पक्के निर्माण के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की भी मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं किया गया तो तहसील कार्यालय का घेराव, चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

अब देखने वाली बात होगी कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेता है और मौके की स्थिति का निरीक्षण कर कालिकापुर की इस महत्वपूर्ण सड़क के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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