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सेमेस्टर व जनभागीदारी शुल्क में कमी की मांग, अभाविप ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन।

रामानुजगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रामानुजगंज इकाई ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर के तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के शुल्क में कमी करने, जनभागीदारी शुल्क को कम करने तथा सभी विषयों की कक्षाओं का नियमित एवं लगातार संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
अभाविप का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों से लिया जा रहा शुल्क अधिक है। इससे सामान्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। परिषद ने शुल्क व्यवस्था की समीक्षा कर विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित शुल्क निर्धारित करने की मांग की।

जनभागीदारी शुल्क में कटौती की मांग

ज्ञापन में स्नातक कक्षाओं की जनभागीदारी शुल्क राशि 750 रुपये से घटाकर 500 रुपये तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं की जनभागीदारी शुल्क राशि 950 रुपये से घटाकर 600 रुपये किए जाने की मांग की गई है। परिषद ने विद्यार्थियों से लिए जा रहे जनभागीदारी शुल्क की समीक्षा कर शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।

नियमित कक्षाओं के संचालन का मुद्दा भी उठाया

अभाविप ने महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की कक्षाओं के नियमित संचालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। परिषद के अनुसार जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान सहित कुछ अन्य विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिषद ने सभी विषयों की कक्षाएं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित करने की मांग की।

“एक ही विश्वविद्यालय, फिर अलग-अलग शुल्क क्यों?” — विकास महतो

अभाविप जिला संयोजक विकास महतो ने कहा कि सरगुजा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में शुल्क की राशि अलग-अलग है। उन्होंने दावा किया कि अन्य महाविद्यालयों की तुलना में रामानुजगंज के शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों से लगभग 1,200 से 1,500 रुपये तक अधिक शुल्क लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब विश्वविद्यालय एक है तो शुल्क व्यवस्था भी समान एवं तार्किक होनी चाहिए। विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए शुल्क में उचित कमी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभाविप विद्यार्थियों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।
विकास महतो ने बताया कि परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि में शुल्क में उचित कमी एवं अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर विद्यार्थी परिषद आंदोलन के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाएगी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित कक्षाओं की मांग

अभाविप रामानुजगंज के नगर मंत्री सत्यम प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर परिषद लगातार आवाज उठाती रही है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में कक्षाओं का नियमित संचालन, उचित शुल्क निर्धारण और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना महाविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
अभाविप ने महाविद्यालय प्रशासन से तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के शुल्क में कमी, जनभागीदारी शुल्क में कटौती तथा सभी विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित करने की मांग पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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