बलरामपुर में प्रदेश का पहला कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित होगा, जिला प्रशासन और प्रिज्मा एआई के बीच हुआ एमओयू
बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के युवाओं और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित रोजगार के अवसरों के लिए जिले से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना को लेकर गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, इसके साथ ही बलरामपुर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां डेटा लेबलिंग एवं एआई से संबंधित कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ श्री अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ श्री विनीत कुमार झा सहित स्व-सहायता समूह की सदस्य सुश्री सपना एवं सुश्री अनुजा उपस्थित रहीं।
10 सीटों से शुरू होगा पायलट सेंटर
पायलट चरण में बलरामपुर में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा। केंद्र में एक समर्पित प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक की व्यवस्था रहेगी। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल के साथ डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन तथा गुणवत्ता समीक्षा जैसे कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की निगरानी में वास्तविक कार्य का अनुभव भी मिलेगा। अभ्यर्थियों की पहचान, छंटनी और चयन के लिए संरचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
युवाओं और ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य से जोड़ने की पहल
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि बलरामपुर का इस पहल में प्रदेश में अग्रणी होना जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जिले में 12वीं उत्तीर्ण एवं स्नातक सदस्यों वाले बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह हैं, जिनकी सदस्याएं स्मार्टफोन और कंप्यूटर के उपयोग में दक्ष हैं।
उन्होंने कहा कि डेटा एनोटेशन सेंटर के माध्यम से महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें अपने ही जिले में सम्मानजनक और नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य को भी गति मिल सकती है। वहीं, एआई के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह प्रशिक्षण स्थानीय युवाओं के लिए भविष्य के डिजिटल रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकता है।
कंपनी उठाएगी प्रशिक्षण और संचालन का खर्च
एमओयू के अनुसार, केंद्र की तकनीकी व्यवस्था, संचालन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता पर्यवेक्षण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी से संबंधित व्यय प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा।
वहीं, जिला प्रशासन द्वारा केंद्र के लिए परिसर एवं आवश्यक बुनियादी ढांचे की पहचान, हितग्राहियों के चयन तथा एनआरएलएम, कौशल विकास कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय में सहयोग किया जाएगा। केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में भी प्रशासन सहयोग करेगा।
ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल रोजगार की दिशा में कदम
कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना से जिले के ग्रामीण एवं शिक्षित युवाओं तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को एआई और डेटा से जुड़े कार्यों का स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव मिलने की उम्मीद है। यह पहल डिजिटल कौशल को आजीविका से जोड़ने के साथ जिले में रोजगार के नए क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

