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बिना काम कराए भुगतान का आरोप, FIR दर्ज जांच में खुलेंगे कई राज

अंबिकापुर,विकास के लिए मिलने वाली खनिज न्यास संस्थान (DMF) की राशि के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय परिसर में विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये की राशि में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कलेक्टर की जांच में मौके पर कार्य न पाए जाने के बाद पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत सीईओ सहित 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के मुताबिक, केशवपुर स्थित आत्मानंद विद्यालय परिसर में अधोसंरचना विकास के लिए DMF मद से कुल ₹1.32 करोड़ की राशि मंजूर की गई थी। स्वीकृत कार्यों और उनकी लागत का विवरण इस प्रकार है:

गार्डन का सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड निर्माण: 33 लाख 24 हजार रुपये।

प्रधान पाठक कक्ष, प्रसाधन एवं आहाता (बाउंड्रीवॉल) निर्माण: 49 लाख 57 हजार रुपये।

प्रवेश द्वार (गेट) एवं पार्किंग शेड निर्माण: 49 लाख 52 हजार रुपये।

इन विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम राशि स्वीकृत तो हुई, लेकिन इसकी प्रक्रिया और कथित भुगतान ने अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

फर्जी आईडी और कूटरचित दस्तावेजों से भुगतान का आरोप

परिवाद में लगाए गए गंभीर आरोपों के अनुसार, GeM पोर्टल पर कथित रूप से फर्जी आईडी तैयार की गई। इसके बाद न तो कोई नियमानुसार निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपनाई गई और न ही तय नियमों के तहत कार्य निष्पादन हुआ।

आरोप है कि फर्जी बिल-वाउचर और मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार कर शासन को चूना लगाया गया। इन्हीं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के पक्ष में RTGS के माध्यम से 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भारी भुगतान भी कर दिया गया। इस पूरी भुगतान प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका अब पुलिस के रडार पर है।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू प्रशासनिक जांच रिपोर्ट है। कलेक्टर स्तर पर हुई जांच में जब मैदानी हकीकत टटोली गई, तो कागजों पर चल रहे विकास कार्य मौके पर धरातल पर गायब मिले। यानी बिना एक भी ईंट रखे लाखों रुपये का भुगतान कागजों पर कर दिया गया।

इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कड़े प्रावधान वाली धाराओं—धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-बी और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। ये धाराएं आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी हैं। वर्तमान में मणिपुर थाना पुलिस मामले की गहन विवेचना कर रही है।

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