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144 स्कूलों के प्राचार्यों पर गिरी गाज: डीईओ ने थमाए नोटिस

जिला। शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। भारत सरकार के महत्वपूर्ण ‘यू-डाइज प्लस’ (U-DISE Plus) पोर्टल पर छात्रों की सही जानकारी और डेटा दर्ज न करने के कारण जिला प्रदेश स्तर पर पिछड़ (बॉटम में) गया है। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक ने जिले के 144 स्कूलों के प्राचार्यों और संस्था प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन स्कूलों पर एजुकेशन पोर्टल और यू-डाइज पोर्टल के डेटा में भारी अंतर रखने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला।

राज्य स्तर पर लगातार हो रही बैठकों और समीक्षा के दौरान इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई गई कि कई स्कूल यू-डाइज पोर्टल पर अपनी स्कूल प्रोफाइल, शिक्षक प्रोफाइल और छात्र प्रोफाइल समय पर अपडेट नहीं कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी मधु शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन 144 स्कूलों को नोटिस थमाए गए हैं, उनके एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज बच्चों की संख्या और यू-डाइज पोर्टल पर दर्ज संख्या में 15 से अधिक बच्चों का अंतर पाया गया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक:कुल लक्ष्य: जिले को 1,64,566 छात्रों का डेटा दर्ज करना था।वर्तमान स्थिति: इसके विरुद्ध अब तक मात्र 1,51,798 छात्रों का ही डेटा दर्ज हो पाया है, जो कुल लक्ष्य का 92 प्रतिशत है।ड्रॉपबॉक्स में अटके बच्चे: यू-डाइज प्लस के ड्रॉपबॉक्स में अभी भी 15,247 बच्चे पेंडिंग पड़े हुए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन बच्चों को या तो स्कूलों में अध्ययनरत दिखाकर इम्पोर्ट किया जाए या उनकी वास्तविक स्थिति पोर्टल पर दर्ज की जाए, जो कि प्रत्येक संस्था प्रभारी के लिए अनिवार्य है।
जिला परियोजना समन्वयक राहुल शर्मा ने बताया कि यू-डाइज पोर्टल पर खराब प्रदर्शन और लापरवाही के चलते कुछ समय पहले 10 जनशिक्षा केंद्रों के जनशिक्षकों को भी नोटिस जारी किए गए थे।
विभाग ने सभी बी.आर.सी. (BRC) और जनशिक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों की मॉनिटरिंग करें। जो बच्चे वास्तविक रूप से स्कूलों में दर्ज हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से यू-डाइज पोर्टल पर इम्पोर्ट किया जाना सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ आगामी दिनों में और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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