कनकपुर में भीषण आग, बैजनाथ तिवारी का घर जलकर खाक।
ग्राम पंचायत कनकपुर में शुरुवार को लगभग 11:00 बजे बैजनाथ तिवारी के घर में भीषण आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
आग लगते ही गांव में हड़कंप मच गया। तत्काल सरपंच द्वारा रामानुजगंज फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया।
सरपंच द्वारा बताया गया कि घर के सामने स्थित खलिहान में जौ एवं सरसों की फसल रखी गई थी। अचानक आग लगने के कारण खलिहान में रखी फसल जलकर राख हो गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में पूरा घर जलकर खाक हो गया।
स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण वे असफल रहे। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर राख हो चुका था। इस हादसे में गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया, जिससे पीड़ित परिवार गहरे संकट में पड़ गया है।आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायतों में विकासखंड समन्वयक के 02 पद, तकनीकी सहायक के 01, एंव जिला पंचायत हेतु लेखापाल के 01 पद के संविदा रिक्त पद पर भर्ती हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों का जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा जांच के पश्चात पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। प्रकाशित सूची में यदि किसी आवेदक को दावा या आपत्ति है तो वे अपना आवेदन 4 अप्रैल 2025 को शाम 5ः30 बजे तक स्वयं या पंजीकृत डाक के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बलरामपुर के नाम से प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस श्रृंखला का जिला स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम 25 मार्च 2025 को नोडल संस्था शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर तीन जिलों के 101 प्रतिभागी भाग लेंगे। भारत सरकार ने शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर को नोडल संस्था के रूप में चिन्हित किया है।
मिली जानकारी के अनुसार इस हमले में दो जवान घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली घने जंगलों की ओर भाग निकले। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

लोगों को संदेह हो रहा है कि कहीं यह जांच सिर्फ औपचारिकता निभाने और किसी मिलीभगत का हिस्सा तो नहीं? कई लोग इसे अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठगांठ से जोड़कर देख रहे हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं परीक्षण के दौरान ली गई सामग्री के साथ छेड़छाड़ तो नहीं हो रही, ताकि रिपोर्ट मनमाफिक बनाई जा सके?