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2025

डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष में सम्मान समारोह राजेश यादव।

छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत अरगाही में भाजपा के दिग्गज नेता राजेश यादव द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन सभापति राजेश यादव ने की, जिन्होंने केक काटकर जन्मदिवस को उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यक्रम में अजय यादव सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे उत्सव को एक जनसंपर्क और जनसमर्पण के रूप में बदल दिया। कार्यक्रम में यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदानों को याद करते हुए कहा कि उनका विकासवादी दृष्टिकोण आज भी प्रेरणा स्रोत है।

 

इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक मूल्यों की महत्ता को उजागर करते हुए एक विशेष पहल की।अपने क्षेत्र के बुजुर्गों का सम्मान करते हुए चरण धोकर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह को गहराई से भावुक कर गया और भारतीय संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों की झलक दिखाई। राजेश यादव ने अपने उद्बोधन में युवाओं को संस्कार, सेवा और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा है, और यह हमारा कार्यक्रम उसी सेवा भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पत्रकारों का भी विशेष सम्मान किया गया। श्रीफल और शाल उड़ाकर पत्रकारों को समाज में उनके योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। राजेश यादव ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस पूरे आयोजन ने न केवल एक राजनेता के जन्मदिन को मनाया, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सेवा और संस्कृति का संदेश भी समाज को दिया।

स्कूल की छात्रा से छेड़छाड़ करने वाला प्रधान पाठक गिरफ्तार।

बलरामपुर ज़िले के वाड्रफनगर अंतर्गत शिक्षा के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले एक प्रधान पाठक को वाड्रफनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि शिक्षक ने स्कूल की एक नाबालिग छात्रा को अपने कार्यालय में अकेले बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की।

मामला सामने आने के बाद, भयभीत छात्रा ने घर जाकर परिजनों को सारी बात बताई। इसके बाद छात्रा के परिजन तत्काल चौकी वाड्रफनगर पहुँचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल मामला दर्ज किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। सूत्रों के मुताबिक, प्रार्थी की नाबालिग बेटी स्कूल में पढ़ती है। आरोपी प्रधान पाठक ने उसे किसी बहाने से स्कूल के कार्यालय में बुलाया और वहाँ उसके साथ गलत हरकत की। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

जांच अधिकारी एसडीओपी वाड्रफनगर राम अवतार ध्रुव के निर्देशन में पुलिस टीम ने फरार आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी वारदात के बाद से ही गाँव से फरार था, लेकिन पुलिस ने मुखबिरों की मदद से उसकी घेराबंदी की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को उसके गाँव से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आज, मंगलवार को आरोपी प्रधान पाठक को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

भवानीपुर: दबंगों द्वारा सड़क की जुताई, ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा आवेदन, करवाई के आदेश जारी।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के तातापानी थाना चौकी अंतर्गत ग्राम भवानीपुर में दबंगई का एक और मामला सामने आया है। उप सरपंच विपत गुप्ता एवं ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सार्वजनिक सड़क को जोतकर उस पर अवैध रूप से धान की फसल लगा दी गई है। इस संबंध में गांव के लोगों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपा है, जिसमें तेतर डिह के दबंग पृथ्वीनाथ सिंह और बालगोविन्द सिंह का नाम प्रमुखता से लिया गया है।सरपंच सीताराम एवं ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन खसरा नंबर 179 रकबा 0.34 हेक्टेयर और खसरा नंबर 142 रकबा 0.343 हेक्टेयर पर स्थित है, जो ग्राम भवानीपुर में सड़क के रूप में उपयोग में लाई जा रही थी। लेकिन दबंगों ने इस भूमि को अपने कब्जे में लेकर जोताई कर दी और उस पर धान की फसल बो दी। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी कठिनाई हो रही है। इस घटना की सूचना तहसीलदार को दी गई, जिस पर उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुए हल्का पटवारी से स्थल निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए। चौकी तातापानी के प्रभारी द्वारा दिनांक 22 सितंबर 2025 को पत्र क्रमांक 1381/2025 के माध्यम से तहसील कार्यालय को जांच रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही पंचनामा रिपोर्ट की छायाप्रति भी संलग्न कर दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि सार्व जनिक सड़क पर अवैध कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव की सड़क को पुनः पूर्ववत स्थिति में बहाल किया जाए। तहसील प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे भूमि कब्जा विवादों और प्रशासनिक व्यवस्था की परीक्षा को उजागर कर दिया है। देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।

चिरमिरी संजय कुमार सिंह के रेलवे पटरी मे मिला। सर धर से अलग ।

चिरमिरी रेलवे स्टेशन के समीप एक युवक का शव रेलवे पटरी मे सर धर से अलग हालत में मिला। सूत्रों के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों को कहना है कि शव की हालत देख कर प्रथम दृस्य में आत्महत्या का मामला लग रहा है पर सच्चाई तो जांच के बाद ही पता चलेगा। इसकी सुचना जैसे ही चिरमिरी पुलिस को मिली तो थाना प्रभारी सहित पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान संजय कुमार सिंह के नाम पर की गई है। मृतक संजय चिरमिरी के हल्दीबाड़ी का रहने वाला था। इसकी जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार मौके पर पहुचे और शव की पहचान कि गई प्रथम दृष्टिय में
आत्महत्या का मामला लग रहा है पर आत्महत्या का कारण अभी तक पता नही चल पाया है पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। और डेथ बॉडी को पीएम के लिए लेजाया गया हैइस घटना से लोगो मे दुख का लहर छाया हुवा है ।

रामचन्द्रपुर दिव्यांग शंकर को गंभीर स्थिति में हुआ निःशुल्क उपचार।

बलरामपुर जिले के विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम चाकी निवासी 32 वर्षीय शंकर गुप्ता पहले से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। रोज़ की तरह वे घर लौट रहे थे, इस दौरान आकस्मिक दुर्घटना में शंकर के पैर की हड्डियाँ चार जगहों से टूट गईं जिनमें घुटने का पटेला, फीमर और लांग बोन क्षति हुई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और सर्जरी ही एकमात्र उपाय है। इलाज का अनुमानित खर्च लगभग 80 हजार रुपये बताया गया। सीमित साधनों वाला परिवार असमंजस में था कि इतनी बड़ी रकम कहाँ से लाए। परन्तु आयुष्मान भारत योजना उनके लिए संजीवनी बनकर आई। योजना के अंतर्गत उनका पूरा ईलाज निःशुल्क हुआ सर्जरी, सीटी स्कैन और दवाइयाँ सभी इसी योजना के तहत कवर हुईं। सर्जरी सफल रही और अब शंकर की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में वे पुनः खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। इलाज पूरा होने के बाद शंकर भावुक स्वर में कहते हैं, मैं पहले से दिव्यांग हूँ, दुर्घटना के बाद लगा कि अब शायद जीवनभर चल नहीं पाऊँगा। लेकिन आयुष्मान योजना मेरे लिए वरदान बन गई। यदि आयुष्मान योजना न होती तो मेरा ईलाज संभव नहीं था। सरकार की इस योजना ने मुझे न सिर्फ ईलाज, बल्कि दोबारा जीने का हौसला दिया है। शंकर गुप्ता की यह कहानी बताती है कि जब सरकारी योजनाएं सही जरूरतमंद तक पहुँचती हैं, तो वे किसी के लिए नया जीवन बन जाती हैं।

अवैध रूप से संचालित मेडिकल एवं पैथोलैब को किया गया सील।

बलरामपुर जिले में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक/पैथोलैब/नर्सिंग होम एवं मेडिकल स्टोर में उपचार करने वालों झोला छाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय बलरामपुर में निरीक्षण कर अवैध रूप से उपचार करने वाले संस्थाओं पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत सृष्टि मेडिकल स्टोर एवं नीलम हाईटेक डायग्नोस्टिक कलेक्शन सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सृष्टि मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा मेडिकल स्टोर में अवैध रूप से उपचार करना एवं बगैर फार्मासिस्ट के दवाओं का विक्रय करना पाया गया। इसी प्रकार नीलम हाई टेक डायग्नोस्टिक कलेक्शन सेंटर में रक्त परीक्षण एवं मरीजों को सुई लगाना व बच्चों को भाप देना पाया गया, जो छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2013 का उल्लंघन है, जिसके तहत संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दोनों संस्था को सीलबंद कर दिया गया है।

अतिथि शिक्षकों की होगी भर्ती जिला शिक्षा अधिकारी ।

बलरामपुर जिला खनिज न्यास संस्थान निधि से जिले के विभिन्न स्कूलों में अध्यापन कार्य हेतु अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जानी है। जिसके अंतर्गत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी, हाई स्कूल केसारी, हाई स्कूल मरकाडांड में गणित के शिक्षक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयनगर एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरकौल में रसायन के शिक्षक व शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजगंज में भौतिक शास्त्र के शिक्षक की पूर्ति की जाएगी। चयन के लिए अभ्यर्थी को संबंधित विषय में द्वितीय श्रेणी में स्नातकोत्तर एवं बीएड अनिवार्यता होगी। अतिथि शिक्षक की नियुक्ति शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 31 अप्रैल 2026 तक होगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित प्राचार्यों को स्वीकृत पदों पर शैक्षणिक व्यवस्था हेतु पदों की पूर्ति 10 अक्टूबर 2025 तक करने के निर्देश दिये हैं। आवेदक द्वारा आवेदन संबंधित विद्यालय/अध्यक्ष, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के नाम पर प्रस्तुत करना होगा।

स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन। मुख्यअतिथि रहे कैबिनेट मंत्री।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में दीन हीन सेवा समिति एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग बलरामपुर के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम महादेवपुर में विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्र के लिए स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत निःशुल्क विशाल चिकित्सा शिविर एवं जनजागरूकता स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री आदरणीय रामविचार नेताम जी रहे। उन्होंने समिति के समाजसेवी प्रयासों की सराहना करते हुए उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता अपनाने, बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा यह चिकित्सा शिविर ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ रही है और लोग शिक्षित होकर अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख पा रहे हैं। दीन हीन सेवा समिति की संचालक श्रीमती मनीषा सिंह लगातार समाज के विभिन्न वर्गों के लिए सेवा कार्य कर रही हैं। वे विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला उत्थान, नशा मुक्ति एवं सामाजिक प्रकल्पों को लेकर सक्रिय योगदान दे रही हैं। उनके प्रयासों से पूर्व में भी बलरामपुर में आयोजित शिविरों से हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं तथा अनेक गंभीर रोगियों का सफल उपचार संभव हुआ है। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बसंत सिंह, सीईओ जनपद श्री रणवीर साय, डीपीएम एनएचएम सुश्री स्मृति एक्का, बीएमओ डा. महेश गुप्ता, बीपीएम श्री गुलाब डहरिया, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीपीएम श्री कुश गुप्ता, मनोज गुप्ता सहित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सेवाएँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री शिवनाथ यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलवंत सिंह, जिला पंचायत सभापति श्री मुंशीराम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता, जनपद सदस्य राजकुमार पुसाम, ग्राम पंचायत सरपंच हरिहर कृपाल कुशवाहा, पुष्पकांत यादव, जितेंद्र यादव, चेहरा पिंटू रहमान तथा समिति के सभी सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

खबर प्रकाशन से भ्रष्ट तहसीलदार ने की हत्या कराने की साजिश।

जानकारी के अनुसार पूरा मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रकाशित होने न वाला सिंधु स्वाभिमान समाचार-पत्र के संपादक प्रशांत पांडे और उनकी टीम ने सूरजपुर जिले की लटोरी तहसील के तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा पर गंभीर आरोपों वाली खबरें प्रकाशित की थीं। आरोप था कि तहसीलदार ने बिना कलेक्टर की अनुमति और पटवारी की रिपोर्ट के फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री की। इस पर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामला अभी भी जांचाधीन है।
वहीं, सिरसी ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना और नामांतरण से जुड़े भ्रष्टाचार की खबरें भी अखबार में छपीं। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने रोजगार सहायक नईम अंसारी को बर्खास्त किया, जबकि कई अन्य मामलों की जांच लंबित है। इन दोनों खबरों से प्रभावित स्थानीय दलाल और अधिकारी गुट कथित तौर पर नाराज हो गए और हत्या की साजिश तक रच डाली।


ग्राम हरिपुर में आयोजित एक पंचायत में आरोपी संजय गुप्ता ने कथित रूप से स्वीकार किया कि संपादक को हटाने के लिए सुपारी दी गई थी। उसने पंचायत के सामने माफी भी मांगी, जबकि हरिओम गुप्ता ने आरोप स्वीकारने से इनकार किया और विवाद को पंचायत से बाहर सुलझाने की बात कही। जहां सिंधु स्वाभिमान समाचार-पत्र के संपादक प्रशांत पांडे ने सबूतों के साथ आईजी सरगुजा रेंज को आवेदन सौंपकर पुलिस सुरक्षा और आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। जिस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करने की बात कही है।

शिक्षा विभाग में भूकंप: कई खुश, कई बेहाल – क्या बस्तर जाने से बच पाएंगे सदानंद कुशवाहा।

जिले के शिक्षा विभाग में तबादलों की बड़ी लहर आई है, जिससे विभाग में हलचल मच गई है। जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। रामचंद्रपुर प्रखंड के प्रभारी शिक्षा अधिकारी को अब बस्तर जिले का प्रभार सौंपा गया है। इस बदलाव को लेकर विभाग के भीतर मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है। कुछ लोग इस बदलाव से खुश नजर आ रहे हैं तो कुछ मायूस।

सबसे अधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं सदानंद कुशवाहा, जिनका नाम लंबे समय से शिक्षा विभाग में एक ‘स्थायी चेहरा’ बन चुका है। त्रस्त कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कुशवाहा “सेटिंग” करने में माहिर हैं, जिसकी वजह से वह वर्षों से एक ही स्थान पर टिके हुए थे। कई लोगों का मानना है कि वह फिर से उसी रणनीति का उपयोग कर सकते हैं और बस्तर स्थानांतरण से बच सकते हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या शिक्षा मंत्रालय इस बार सख्त रुख अपनाएगा और उन्हें बस्तर भेजेगा या फिर वह एक बार फिर सेटिंग के जरिए उसी जगह पर बने रहेंगे?
देखना दिलचस्प होगा कि शिक्षा विभाग की यह ‘साफ-सफाई’ कितनी दूर तक जाती है और क्या इस बार वाकई में बदलाव जमीन पर नजर आता भी है।