Fri. Oct 23rd, 2026

June 2026

शिक्षा विभाग से संबंधित 15 से 17 जून तक निवारण शिविर।

बलरामपुर-रामानुजगंज। शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने पहल करते हुए विकासखण्ड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में शिक्षकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पालकों एवं आम नागरिकों की विभागीय समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विकासखण्ड राजपुर एवं शंकरगढ़ में 15 जून 2026 को संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहीं विकासखण्ड कुसमी एवं बलरामपुर में 16 जून तथा रामचन्द्रपुर एवं वाड्रफनगर में 17 जून 2026 को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर आयोजित होंगे।
शिविर में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न मामलों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण एवं अन्य सेवा निवृत्ति लाभों से संबंधित प्रकरण, सामान्य भविष्य निधि, वित्तीय दावे, वेतन निर्धारण, वेतन विसंगति, एरियर्स भुगतान, सेवा पुस्तिका में सुधार, पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान एवं वरिष्ठता संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
इसके अलावा एचआरएमआईएस पोर्टल एवं कर्मचारी प्रोफाइल में त्रुटि सुधार, अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरण, छात्रवृत्ति, पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल वितरण सहित अन्य छात्र हितग्राही योजनाओं से जुड़े आवेदन भी लिए जाएंगे। विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष, मरम्मत कार्य, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए भी नागरिक आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित योजनाओं, दिव्यांग विद्यार्थियों एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित मामलों सहित स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी अन्य शिकायतों एवं समस्याओं पर भी शिविर में सुनवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार अधिकतम 15 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिकों एवं विभागीय कर्मचारियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल सके।

शिकायत पर तत्काल जांच, स्लैब निर्माण पर लगाई रोक

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रामचन्द्रपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बनापति में निर्माणाधीन पुलिया में दरार आने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच कराई। जांच के बाद निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार के निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, विभिन्न माध्यमों से ग्राम बनापति में निर्माणाधीन पुलिया की गुणवत्ता को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में पुलिया निर्माण के दौरान दरारें आने की बात कही गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए।
निर्देश के बाद तकनीकी अमले ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर पुलिया का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि वर्तमान में पुलिया के डर्ट वाल का निर्माण कार्य चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार दिखाई दे रही दरारें संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) क्रैक नहीं हैं, बल्कि निर्माण एजेंसी द्वारा नियमित रूप से तराई नहीं किए जाने के कारण सतह पर श्रिंकेज क्रैक पाए गए हैं।
जांच के बाद अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को डर्ट वाल के अंतिम लिफ्ट की 75 मिलीमीटर मोटाई को तोड़कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वेयरिंग कोट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिया के स्लैब निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी गई है। निर्माण स्थल पर पर्याप्त तराई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित सभी विकास एवं निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गुणवत्ता संबंधी किसी भी शिकायत पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता के हित में होने वाले निर्माण कार्य मजबूत और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सकें।

नव नियुक्त कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास का शिवपुर में भव्य स्वागत।

  •             सामाजिक एकता का दिया संदेश।

बलरामपुर, रामानुजगंज सामाजिक संगठन और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए शिवपुर क्षेत्र के समाजबंधुओं ने बलरामपुर जिले के नव नियुक्त कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास के प्रथम आगमन पर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में रामचंद्रपुर ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र श्रीवास भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

स्वागत समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने दोनों अध्यक्षों का पुष्पमाला पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। उपस्थित समाजजनों ने कहा कि यह सम्मान केवल पदाधिकारियों का नहीं, बल्कि समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज के लोगों ने उम्मीद जताई कि राजेन्द्र श्रीवास के नेतृत्व में समाज शिक्षा, संगठन विस्तार, सामाजिक जागरूकता और युवाओं के विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।

वहीं रामचंद्रपुर ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र श्रीवास ने समाज को संगठित रखने तथा प्रत्येक परिवार को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है।

इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने एक स्वर में कहा कि आपसी सहयोग, सम्मान और संगठन की भावना से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। शिवपुर में आयोजित यह सम्मान समारोह सामाजिक एकता, संस्कार और भाईचारे का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

समाजजनों ने कहा कि संगठन में बगैर शक्ति, सम्मान संस्कार और एकता में समाज की उन्नति का आधार निहित है।

100 बिस्तरीय अस्पताल उन्नयन हेतु 1.65 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत।

बलरामपुर,रामानुजगंज। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में नगर पालिका रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के अंतर्गत 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इस राशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के सतत प्रयासों से प्राप्त इस स्वीकृति के तहत अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रायपुर अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

स्वीकृत राशि से अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद भी की जाएगी। इनमें ऑटोमेटिक ऑटोक्लेव मशीन, आधुनिक ओटी लाइट, मल्टी पैरा मॉनिटर, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, वेंटिलेटर, इलेक्ट्रिक ऑपरेशन टेबल, सक्शन मशीन, डायलिसिस मशीन, आरओ प्लांट, ट्रूनेट मशीन, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीजर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों से अस्पताल की उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट की स्थापना से किडनी रोगियों को राहत मिलेगी, जिन्हें सप्ताह में कई बार लंबी दूरी तय कर उपचार कराना पड़ता है। वहीं ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से दुर्घटना, प्रसव और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक सुविधाओं और उन्नत उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा तथा बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ जनकल्याण के लक्ष्य को और अधिक मजबूत करेगी।

100 बिस्तरीय अस्पताल उन्नयन हेतु 1.65 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत।

बलरामपुर,रामानुजगंज। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में नगर पालिका रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के अंतर्गत 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इस राशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के सतत प्रयासों से प्राप्त इस स्वीकृति के तहत अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रायपुर अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

 

स्वीकृत राशि से अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद भी की जाएगी। इनमें ऑटोमेटिक ऑटोक्लेव मशीन, आधुनिक ओटी लाइट, मल्टी पैरा मॉनिटर, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, वेंटिलेटर, इलेक्ट्रिक ऑपरेशन टेबल, सक्शन मशीन, डायलिसिस मशीन, आरओ प्लांट, ट्रूनेट मशीन, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीजर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों से अस्पताल की उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 

विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट की स्थापना से किडनी रोगियों को राहत मिलेगी, जिन्हें सप्ताह में कई बार लंबी दूरी तय कर उपचार कराना पड़ता है। वहीं ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से दुर्घटना, प्रसव और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक सुविधाओं और उन्नत उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा तथा बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ जनकल्याण के लक्ष्य को और अधिक मजबूत करेगी।

सर्व नाई सेन समाज की बैठक संपन्न, राजेन्द्र श्रीवास बने कार्यवाही जिलाध्यक्ष।

बलरामपुर। जिला मुख्यालय स्थित जनपद पंचायत के सभा कक्ष में सर्व नाई सेन समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में संगठनात्मक एकता स्थापित करना तथा लंबे समय से चली आ रही नेतृत्व संबंधी स्थिति का समाधान निकालना था।

बैठक में समाज के सदस्यों ने वर्तमान में जिले में दो-दो जिलाध्यक्ष होने की स्थिति पर गंभीर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि इस कारण समय-समय पर समाज के भीतर भ्रम एवं विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं, जिससे संगठनात्मक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। इस विषय पर सभी उपस्थित जनों ने अपने विचार रखे और समाज की एकता को सर्वोपरि बताते हुए एकमत से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश ठाकुर की विशेष उपस्थिति रही। विचार-विमर्श के बाद तत्कालीन जिलाध्यक्ष मंटू ठाकुर ने समाजहित में सहमति जताते हुए कार्यकारिणी भंग करने का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित समाजजनों ने समर्थन किया। इसके पश्चात सभी स्वजातीय बंधुओं की राय जानने पर एक स्वर में राजेन्द्र श्रीवास का नाम सामने आया। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से राजेन्द्र श्रीवास को सर्व नाई सेन समाज, बलरामपुर-रामानुजगंज का कार्यवाही जिलाध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया।

बैठक में समाज की एकता, संगठन के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास एवं भावी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।  महेन्द्र ठाकुर ने समाज को संगठित रखते हुए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सत्रुधन ठाकुर, महेन्द्र ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, राजा ठाकुर, उदय ठाकुर, संजय ठाकुर, अशोक ठाकुर, महेन्द्र श्रीवास, भूपेन्द्र ठाकुर, दिनेश ठाकुर, कामेश्वर ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, जितेन्द्र ठाकुर, हरिहर ठाकुर एवं आशीष ठाकुर सहित जिले के अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वीरेन्द्र ठाकुर ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा समाज की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया गया।

शिक्षा विभाग, डीईओ कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय से जिला कलेक्टर के लेटरहेड पर जारी दो अलग-अलग आदेशों के मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले के मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है। विभाग ने अपनी ओर से जारी स्पष्टीकरण में इसे “लिपिकीय त्रुटि” बताया है, लेकिन इस सफाई ने विवाद को समाप्त करने के बजाय कई नए प्रश्नों को जन्म दे दिया है।

जानकारों का कहना है कि जिला कलेक्टर के लेटरहेड का उपयोग एक संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे में एक ही विषय से संबंधित दो अलग-अलग आदेश जारी होना और बाद में उसे मात्र लिपिकीय त्रुटि बताना पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। सामान्यतः किसी भी कार्यालय से जारी होने वाले आदेश कई स्तरों की प्रशासनिक प्रक्रिया और परीक्षण से गुजरते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतनी बड़ी त्रुटि अधिकारियों की नजर से कैसे ओझल रही।

मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि आदेश वास्तव में त्रुटिपूर्ण थे, तो विभाग को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। कई दिनों तक आदेश प्रभावी बने रहे, लेकिन किसी अधिकारी द्वारा उनकी समीक्षा अथवा सुधार की आवश्यकता महसूस नहीं की गई। जैसे ही मामला मीडिया की सुर्खियों में आया, विभाग सक्रिय हुआ और डीईओ मनीराम यादव की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया।

विवादित आदेश से प्रभावित कर्मचारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि आदेश त्रुटिवश जारी हुए थे, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रभावित कर्मचारियों के हित में कोई संशोधित आदेश जारी किया जाएगा या नहीं। इससे कर्मचारियों में भ्रम और नाराजगी देखी जा रही है।

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू जवाबदेही का है। यदि यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों अथवा कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? या फिर पूरे मामले को केवल “लिपिकीय त्रुटि” बताकर फाइलों में दबा दिया जाएगा, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस संबंध में पत्रकारों द्वारा दूरभाष पर चर्चा किए जाने पर बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी का पद अत्यंत जिम्मेदारी वाला पद है। उनके कार्यालय से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पत्र और आदेश जारी होते हैं, जिन पर जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे में संबंधित लेटरहेड पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ी, यह गंभीर विषय है। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में डीईओ को फटकार लगाई गई है तथा उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की एक बड़ी परीक्षा बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग केवल स्पष्टीकरण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानता है या फिर दोषियों पर कार्रवाई कर यह संदेश देता है कि सरकारी आदेशों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पेट्रोल-डीजल जब्त बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर तहसील शंकरगढ़ क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाते हुए प्रशासनिक टीम ने अवैध रूप से संग्रहित एवं परिवहन किए जा रहे पेट्रोल और डीजल को जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शंकरगढ़ श्री अनमोल विवेक टोप्पो के नेतृत्व में तहसीलदार शंकरगढ़ तथा खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से विभिन्न स्थानों पर जांच की। जांच के दौरान कुल पांच मामलों में पेट्रोल एवं डीजल के अवैध भंडारण और परिवहन की पुष्टि होने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 52 लीटर पेट्रोल एवं 105 लीटर डीजल जब्त किया। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से ईंधन का भंडारण और परिवहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे जनसुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं के सुचारु एवं नियमबद्ध वितरण को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध भंडारण, कालाबाजारी, परिवहन और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण या परिवहन किया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने तथा जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर तहसील शंकरगढ़ क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाते हुए प्रशासनिक टीम ने अवैध रूप से संग्रहित एवं परिवहन किए जा रहे पेट्रोल और डीजल को जब्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शंकरगढ़ श्री अनमोल विवेक टोप्पो के नेतृत्व में तहसीलदार शंकरगढ़ तथा खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से विभिन्न स्थानों पर जांच की। जांच के दौरान कुल पांच मामलों में पेट्रोल एवं डीजल के अवैध भंडारण और परिवहन की पुष्टि होने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 52 लीटर पेट्रोल एवं 105 लीटर डीजल जब्त किया। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से ईंधन का भंडारण और परिवहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे जनसुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं के सुचारु एवं नियमबद्ध वितरण को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध भंडारण, कालाबाजारी, परिवहन और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण या परिवहन किया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने तथा जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

फाउंडेशन के बैनर तले लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन।

माली-मालाकार समाज में वैवाहिक संबंधों को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से माली-मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन के बैनर तले पहली बार दो दिवसीय अंतरराज्यीय लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन आगामी 25 एवं 26 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित होगा।

फाउंडेशन के संस्थापक एवं डायरेक्टर प्रकाश मालाकार ने बताया कि वर्तमान समय में समाज के युवाओं के विवाह में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर इस परिचय सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य योग्य युवक-युवतियों एवं उनके परिवारों को एक मंच पर लाकर वैवाहिक संबंधों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद भगत ने समाज के सभी माली, मालाकार, भगत एवं सैनी समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी अपने पुत्र-पुत्रियों का बायोडाटा एवं नवीनतम फोटो साथ लेकर आएं। यदि संभव हो तो युवक-युवती को भी साथ लाना बेहतर रहेगा, जिससे आपसी परिचय एवं संवाद में सुविधा होगी। एक परिवार से अधिकतम चार सदस्य, जिनमें माता-पिता एवं लड़का-लड़की शामिल हों, कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे।

राष्ट्रीय संयोजक सतीश मालाकार ने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए 9713423708, 9431103869 एवं 9673155701 पर संपर्क कर सकते हैं।

समाज के वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आयोजित यह सम्मेलन समाज के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

फाउंडेशन के बैनर तले लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन।

माली-मालाकार समाज में वैवाहिक संबंधों को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से माली-मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन के बैनर तले पहली बार दो दिवसीय अंतरराज्यीय लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन आगामी 25 एवं 26 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित होगा।

फाउंडेशन के संस्थापक एवं डायरेक्टर प्रकाश मालाकार ने बताया कि वर्तमान समय में समाज के युवाओं के विवाह में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर इस परिचय सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य योग्य युवक-युवतियों एवं उनके परिवारों को एक मंच पर लाकर वैवाहिक संबंधों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद भगत ने समाज के सभी माली, मालाकार, भगत एवं सैनी समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी अपने पुत्र-पुत्रियों का बायोडाटा एवं नवीनतम फोटो साथ लेकर आएं। यदि संभव हो तो युवक-युवती को भी साथ लाना बेहतर रहेगा, जिससे आपसी परिचय एवं संवाद में सुविधा होगी। एक परिवार से अधिकतम चार सदस्य, जिनमें माता-पिता एवं लड़का-लड़की शामिल हों, कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे।
राष्ट्रीय संयोजक सतीश मालाकार ने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए 9713423708, 9431103869 एवं 9673155701 पर संपर्क कर सकते हैं।
समाज के वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आयोजित यह सम्मेलन समाज के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।