Fri. Jul 3rd, 2026

रामानुजगंज सत्र न्यायालय के आदेश से प्रशासन में हड़कंप।

बलरामपुर रामानुजगंज जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) सत्र न्यायालय रामानुजगंज के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है। न्यायालय ने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में पारित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर पुलिस विभाग के कैदियों के परिवहन में प्रयुक्त डग्गा वाहन को कुर्क करने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी हेमंत सराफ के आदेश पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायण यादव एवं अन्य की ओर से दायर मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एम.ए.सी. क्रमांक 154/2021) में माननीय उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को ब्याज सहित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर आवेदकों ने निष्पादन की कार्रवाई शुरू कराई।
आवेदकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-21 नियम-30 के तहत जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में निष्पादन याचिका प्रस्तुत की। याचिका में न्यायालय से शासन की संपत्ति कुर्क कर अधिनिर्णय राशि की वसूली कराने की मांग की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम चरण में बलरामपुर से रामानुजगंज न्यायालय तक कैदियों के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले पुलिस के डग्गा वाहन को कुर्क करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुपालन में संबंधित वाहन को न्यायालय परिसर में जप्त कर लिया गया। इस कार्रवाई की दिनभर न्यायिक एवं प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार, निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के आठ अन्य वाहनों, जिनमें बोलेरो वाहन एवं पुलिस बस भी शामिल हैं, का उल्लेख किया गया है। यदि शासन द्वारा शीघ्र ही क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं कराई जाती है तो न्यायालय इन वाहनों की भी कुर्की और आवश्यकतानुसार नीलामी की कार्रवाई कर सकता है।
सरकारी विभाग के वाहन की कुर्की जैसी कार्रवाई विरले ही देखने को मिलती है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश न्यायालय के निर्णयों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने तथा पीड़ित पक्ष को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सख्त संदेश माना जा रहा है।

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