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बलरामपुर डीईओ कार्यालय पर उठे सवाल: अभिभावक ने पूछा– क्या राजनीतिक दबाव या रिश्वत का खेल।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अभिभावक राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत अध्ययनरत उनकी पुत्री के निजी विद्यालय द्वारा वर्षों तक कथित रूप से अवैध शुल्क वसूला गया। इस संबंध में लिखित शिकायत, बैंक भुगतान के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
अभिभावक राकेश कुमार के अनुसार, 23 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए आवेदन में साईं बाबा पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर आरटीई के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया है कि शुल्क नहीं देने पर छात्रा के साथ कथित भेदभाव किया गया, पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा विद्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह में भी उसे शामिल नहीं किया गया। आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं, जिनमें विद्यालय से जुड़े खाते में ऑनलाइन भुगतान का दावा किया गया है।
अभिभावक राकेश कुमार का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई आशंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध आरटीई अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने तथा छात्रा के शिक्षा के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। हालांकि राजनीतिक दबाव या रिश्वत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित विद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आया है। अब लोगों की निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाती है या नहीं।

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