रामानुजगंज। ग्राम पंचायत महावीरगंज स्थित एक ग्रेफाइट केमिकल प्लांट पर कथित रूप से रासायनिकयुक्त गंदा एवं जहरीला पानी बिना उपचार के नदी में बहाए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्रामवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रामानुजगंज को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्लांट से निकलने वाला रासायनिकयुक्त पानी सीधे नजदीकी नदी में पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग आसपास के किसान खेती, पशुपालक अपने मवेशियों तथा ग्रामीण दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। कथित रूप से रसायनयुक्त पानी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने और पशुओं के प्रभावित होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि नदी के पानी के संपर्क में आने से कुछ लोगों के शरीर पर छाले एवं त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पहले भी मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कथित रूप से नदी में रासायनिक पानी का बहाव बंद नहीं हुआ।
फसल और पशुधन को नुकसान का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए किए जाने से धान सहित अन्य फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिकायत में किसानों की फसल खराब होने तथा कुछ पशुओं के असमय मरने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी में रासायनिक पानी का प्रवाह नहीं रोका गया तो आने वाले समय में जन-स्वास्थ्य, कृषि और पशुधन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
जांच टीम गठित कर नदी के पानी का सैंपल लेने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम भेजकर नदी के पानी और प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक परीक्षण एवं सैंपलिंग कराई जाए। साथ ही कथित रूप से नदी में रसायन बहाए जाने पर तत्काल रोक लगाने, प्रभावित किसानों एवं पशुपालकों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने तथा जांच में दोषी पाए जाने पर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज, क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, जिला पंचायत सीईओ, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, थाना प्रभारी रामानुजगंज तथा चौकी प्रभारी विजयनगर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की जांच कब तक कराते हैं और नदी में कथित रासायनिक प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

