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शालेय शिक्षक संघ की बड़ी जीत, धरने से पहले ही मानी गईं मांगें।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रखंड रामचंद्रपुर में शालेय शिक्षक संघ के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से ठीक पहले ही शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। एरियर्स राशि के भुगतान का आदेश जारी हुआ, वहीं वर्षों से कार्यालय विकासखंड रामचंद्रपुर में संलग्न लेखापाल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया। इस निर्णय से शिक्षकों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इसे संघ की बड़ी जीत बताया। धरना स्थल पर एकत्रित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विक्ट्री साइन के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्सवपूर्ण नजर आया। प्रदर्शन से पूर्व एमएस मचवादमर में पदस्थ शिक्षिका बीना मंडावी ने आरोप लगाते हुए बताया कि संलग्न लेखापाल द्वारा उन्हें एक विशेष बैंक में खाता खुलवाने का दबाव बनाया जा रहा था और ऐसा न करने पर वेतन रोकने की धमकी दी जाती थी। साथ ही उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश किया जा रहा था।

इस गंभीर मुद्दे को छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे ने संज्ञान में लेते हुए मजबूती से शिक्षिका का साथ दिया। महिला कार्यकारिणी ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती सिम्मी गुप्ता एवं कार्यकारी महिला ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती विभा कश्यप ने भी विभाग के समक्ष शिक्षकों की समस्याएं स्पष्ट रूप से रखीं और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों की एकजुटता और दबाव का ही परिणाम रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्यालय से संलग्नीकरण समाप्त कर लेखापाल सूर्य प्रताप कुशवाहा को एकतरफा रिलीव कर दिया। इस निर्णय की सूचना मिलते ही धरना स्थल पर पहुंच रही भीड़ में खुशी की लहर दौड़ गई। आज के कार्यक्रम में विकासखंड की लगभग सभी शालाओं से शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप सहित बड़ी संख्या में संघ पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। शिक्षकों ने इसे संगठन की एकजुटता और संघर्ष की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

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